कर्नाटक में मुख्यमंत्री शिवकुमार के साथ ही कांग्रेस को भी झटका लगा है। कैबिनेट मंत्री रामालिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है हालांकि उन्होंने कहा है कि वह अभी भी कांग्रेस पार्टी में हैं और उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी है।

रामालिंगा रेड्डी मनचाहा विभाग न मिलने से नाराज थे। रेड्डी ने कहा कि वह पिछले 53 साल से कांग्रेस में हैं और उन्होंने पार्टी के भीतर कई जिम्मेदारियां संभाली हैं।

लंबी सियासी कसरत के बाद कांग्रेस ने कुछ दिन पहले ही सिद्धारमैया को हटाकर डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद पर बैठाया था।

रामालिंगा रेड्डी ने कहा कि वह एम. वीरप्पा मोइली और एसएम कृष्णा के मुख्यमंत्री रहते हुए भी कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। रेड्डी ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी से मंत्री पद नहीं मांगा।

कांग्रेस में ही रहूंगा- रामालिंगा रेड्डी

रामालिंगा रेड्डी ने कहा, ‘मुझे बार-बार अपमानित किया गया है और अब मैं इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकता।’ उन्होंने इस बात को दोहराया कि वह कांग्रेस विधायक बने रहेंगे और कांग्रेस में ही रहेंगे। रेड्डी ने कहा कि वह नाराज नहीं हैं केवल निराश हैं। रेड्डी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से अपना इस्तीफा नहीं देंगे बजाय इसके वह अपने निजी सचिव के जरिए मुख्यमंत्री कार्यालय को अपना इस्तीफा भेजेंगे।

राम लिंगा रेड्डी के कैबिनेट से इस्तीफा देने से यह साफ है कि कर्नाटक कांग्रेस में अंदरखाने जबरदस्त असंतोष है।

कांग्रेस हाईकमान ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन करते वक्त इस बात की भरसक कोशिश की थी कि पार्टी नेताओं के बीच असंतोष खत्म हो और पार्टी के नेता एकजुट रहें लेकिन डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के 2 दिन के भीतर ही रामालिंगा रेड्डी जैसे वरिष्ठ नेता के इस्तीफे से पता चलता है कि पार्टी में माहौल ठीक नहीं है।

कर्नाटक से राज्यसभा जाएंगे पवन खेड़ा

कांग्रेस ने राज्यसभा चुनावों और उपचुनावों को लेकर अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने 7 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी को मंजूरी दी है। इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा अहम नाम पवन खेड़ा का है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।