Ramadan 2018 Date in India: Do not Run Operations against Terrorists in Jammu and Kashmir during Ramadan says Central Government to Security Forces - जम्मू-कश्मीरः रमजान में आतंकियों के खिलाफ नहीं चलेगा ऑपरेशन, केंद्र ने मानी CM महबूबा मुफ्ती की मांग - Jansatta
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जम्मू-कश्मीरः रमजान में आतंकियों के खिलाफ नहीं चलेगा ऑपरेशन, केंद्र ने मानी CM महबूबा मुफ्ती की मांग

Ramadan 2018 Date: सीएम महबूबा ने इससे पहले केंद्र सरकार से रमजान के बीच राज्य में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन नहीं चलाने की मांग की थी। मोदी सरकार ने सीएम की उसी बात पर सुरक्षाबलों को निर्देश जारी किया है।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटो)

रमजान के दौरान जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ भारतीय सेना और सुरक्षाबल किसी प्रकार का ऑपरेशन नहीं चला पाएंगे। केंद्र सरकार ने इस संबंध में सुरक्षाबलों को बुधवार (16 मई) को निर्देश जारी कर दिया है। केंद्र की ओर से यह निर्देश राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की मांग पर आया है। आपको बता दें कि सीएम महबूबा ने इससे पहले केंद्र सरकार से रमजान के बीच राज्य में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन नहीं चलाने की मांग की थी।

मोदी सरकार ने सीएम की उसी बात पर सुरक्षाबलों को निर्देश जारी किया है। केंद्र सरकार ने राज्य में शांति व्यवस्था बरकरार रखने के लिए यह फैसला लिया है। ऐसे में सीएम महबूबा ने केंद्र के फैसले का स्वागत किया है और पीएम मोदी को शुक्रिया अदा किया है। रमजान गुरुवार (17 मई) से शुरू हो रहे हैं, जो एक महीने तक चलेंगे। यानी एक महीने के दौरान घाटी में सुरक्षाबल आतंकियों के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सकेंगे।

सीएम महबूबा इससे पहले बुधवार को कश्मीर में आयोजित एक सर्वदलीय बैठक में शामिल हुई थीं। उन्होंने उसके जरिए केंद्र के सामने मांग रखी थी, “रमजान का पाक महीना शुरू होने वाला है। ऐसे में सेना को हथियार रख देने चाहिए।” महबूबा की ओर से यह मांग ऐसे वक्त में आई थी, जब सेना और सुरक्षाबल आतंकियों पर बेहद भारी पड़ रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर की सीएम ने केंद्र के सामने इसके साथ रमजान के महीने से लेकर अमरनाथ यात्रा पूरी होने तक एकतरफा संघर्ष विराम की मांग उठाई थी। हालांकि, बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई ने तब उसका विरोध किया था। कहा था कि यह कदम राष्ट्रिय हित में नहीं है। सेना की कार्रवाई से आतंकियों के हौसले चूर हुए हैं। ऐसे में एकतरफा संघर्षविराम उन पर पड़ने वाले बोझ और खौफ को न सिर्फ कम करेगा, बल्कि उन्हें फिर से आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए बेताब करेगा।

जम्मू-कश्मीर में हुई यह सर्वदलीय बैठक सात मई को पत्थरबाजी के कारण चेन्नई के पर्यटक की मौत के बाद हाल की स्थिति पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। सीएम ने दलील दी थी कि संघर्षविराम से लोगों को राहत और राज्य में शांति का माहौल पनपेगा। बकौल महबूबा, “घाटी में अस्त-व्यस्त हालात सुधारने के लिए पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का फॉर्म्यूला अपनाया जाना चाहिए, ताकि ईद और अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से हो सकें।”

 

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