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कलर्स टीवी के सीरियल Ram Siya Ke Lav Kush को केंद्र सरकार का नोटिस, आरोप- आहत हो रही हैं धार्मिक भावनाएं

वाल्मिकी समुदाय कई दिनों से इस सीरिल का विरोध कर रहा है। सीरियल के विरोध में वाल्मिकी समुदाय ने कुछ दिन पहले एक दिन का बंजाब बंद का भी ऐलान किया था। बढ़ते विवाद को देखते हुए सीएम अमरिंदर सिंह ने इस सीरिल के प्रसारण पर बैन भी लगा दिया था।

Author दिल्ली | Updated: September 15, 2019 11:15 AM
वाल्मिकी समुदाय विरोध करते हुए (फोटो सोर्स: ANI)

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सीरियल ‘राम सिया के लवकुश’ से जुड़े विवादों को देखते हुए कलर्स चैनल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। मंत्रालय ने यह कहते हुए नोटिस जारी किया है कि चैनल के कार्यक्रम ‘राम सिया के लवकुश’ में ऐसा देखा गया है कि यह सीरियल विकृत धार्मिक जानकारियां फैला रहा है। इसके साथ सीरियल ‘मर्हिष वाल्मिकी’ की छवि को नुकसान भी पहुंचा रहा है। मंत्रालय ने 11 सितंबर को लिखे पत्र में कहा है कि ऐसा जान पड़ता है कि यह सीरियल धार्मिक भावनाओं को आहत कर रहा है। बता दें कि वाल्मिकी समुदाय कई दिनों से इस सीरिल का विरोध कर रहा है। सीरियल के विरोध में वाल्मिकी समुदाय ने कुछ दिन पहले एक दिन का पंजाब बंद का भी ऐलान किया था। बढ़ते विवाद को देखते हुए सीएम अमरिंदर सिंह ने इस सीरिल के प्रसारण पर बैन भी लगा दिया था।

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वाल्मिकी समुदाय ने देशभर में जबर्दस्त प्रदर्शन की दी धमकीः पत्र में कहा गया है कि इससे वाल्मिकी समुदाय में असंतोष फैल रहा है। बता दें कि समुदाय ने धमकी भी दी है कि यदि ‘विकृत इतिहास को पेश करने और जानबूझकर मर्हिष वाल्मिकी को अपमानित’ करने वाले इस सीरियल का प्रसारण बंद नहीं किया गया तो वह उसके विरूद्ध देशभर में जबर्दस्त प्रदर्शन करेगा।

मंत्रालय ने कहा सीरिल से मर्हिष वाल्मिकी को बदनाम किए जा रहे हैंः मंत्रालय ने कहा है कि इस सीरियल के संवाद शालीनता को नुकसान पहुंचाते हैं। इस समुदाय के मर्हिष वाल्मिकी के बारे में जो शब्द इस्तेमाल किए गए हैं वे उन्हें बदनाम करने के इरादे से हैं। सीरियल में इस्तेमाल किए गए शब्द धार्मिक समूह के लिए तिरस्कारपूर्ण है।

मंत्रालय ने 15 दिनों के अंदर चैनल से जवाब मांगा हैः मंत्रालय ने कहा कि चैनल इस नोटिस के मिलने के 15 दिनों के अंदर बताए कि उसके विरूद्ध अपलिंकिंग/डाउनलिंकिंग दिशानिर्देश के प्रावधानों, मंजूरी की शर्तों और केबल कानून की धारा 20 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।

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