उत्तर प्रदेश के अयोध्या में धार्मिक अनुष्ठानों की परंपरा नई नहीं है, लेकिन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास द्वारा शुरू किया गया 10 दिवसीय शुद्धीकरण अनुष्ठान इसलिए विशेष माना जा रहा है क्योंकि इसका उद्देश्य हाल में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के लिए प्रायश्चित करना और भगवान से क्षमा याचना करना है।
न्यास के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि की परिकल्पना पर आधारित यह विशेष अनुष्ठान बुधवार से शुरू हुआ। गोविंद देव गिरि ने शुक्रवार को एजंसी से कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने मंदिर की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखने के उद्देश्य से मंदिर परिसर तथा विभिन्न गुरुकुलों में प्रायश्चित और शुद्धीकरण के लिए विशेष 10 दिवसीय अनुष्ठान शुरू किया है। इसके तहत अयोध्या के विभिन्न गुरुकुलों द्वारा विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ किया जा रहा है। प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का कम से कम 251 बार पाठ सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र के पाठ में भगवान विष्णु के एक हजार नामों का उच्चारण किया जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार, इस अनुष्ठान से सकारात्मकता, समृद्धि और शुभ फल की प्राप्ति होती है। न्यास के सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि रामलला के स्थान पर हुई त्रुटियों के परिमार्जन के उद्देश्य से विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साथ-साथ वाल्मीकि रामायण का पाठ भी किया जा रहा है।
गौरतलब है कि चढ़ावा चोरी का विवाद सात जून को सामने आया था और इसके बाद यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया। इस मामले की जांच के लिए 13 जून को विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया गया था। एसआइटी की प्रारंभिक जांच के आधार पर राम मंदिर में चढ़ावे की गणना से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।
गोविंद देव गिरि ने कहा कि चोरी की वास्तविक सीमा क्या थी, यह कब और कैसे हुई, इन सभी पहलुओं की जांच जारी है। उन्होंने पहले कहा था कि सभी लेखा-परीक्षा (आडिट) रिपोर्ट सुरक्षित हैं तथा मंदिर में प्रतिदिन आने वाले चढ़ावे के संग्रह की प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उनके अनुसार, यह कार्य स्थानीय न्यासियों द्वारा किया जाता था। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने 11 जुलाई को अयोध्या मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की घटना को कलंक बताया था।
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की निकली वैकेंसी, 18 जुलाई तक ईमेल के जरिए आवेदन पहुंचाएं कैंडिडेंट
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के लिए भर्ती निकाली गई है। ट्रस्ट की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की गई है। साथ ही ट्रस्ट ने इस पद के लिए योग्य उम्मीदवार की योग्यता भी निर्धारित की है। राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO के पद के लिए इच्छुक और पात्र उम्मीदवारों के आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिसके लिए कुछ योग्यताएं मांगी गई हैं और आवेदन की अंतिम तिथि भी निर्धारित की गई है। साथ ही आवेदन की अंतिम तिथि भी ट्रस्ट की ओर से जारी की गई है। पढ़ें पूरी खबर।
