अयोध्या स्थित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच एसआईटी कर रही है। SIT ने कहा है कि जिनके पास इससे जुड़े सबूत हैं, वह उन्हें सौंप सकते हैं। इसी क्रम में एसआईटी ने अयोध्या के धर्मसेना प्रमुख संतोष दुबे से पूछताछ की थी और सोमवार तक उनसे इससे जुड़े सबूत जमा करने को कहा था। ऐसे में अब चंपत राय के खिलाफ संतोष दुबे ने एसआईटी को 75 से अधिक पन्नों के सबूत सौंपे हैं। इसमें धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य शामिल है। संतोष दुबे ने सीओ सिटी श्रेयस त्रिपाठी को सबूत सौंपे हैं।
सबूत सौंपने के बाद संतोष दुबे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने आठ प्रमुख बिंदुओं पर दस्तावेजी साक्ष्य सौंपे हैं। उन्होंने सौंपे गए सबूतों को जांच में शामिल करने का अनुरोध किया है। संतोष दुबे ने कहा कि कई यूट्यूब चैनल और मीडिया प्लेटफॉर्म पर संबंधित लोगों के दिए गए बयानों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरे पास जितने सबूत थे, मैंने सीओ सिटी के माध्यम से सीट को सौंप दिए हैं।
चंपत राय के खिलाफ सौंपे गए सबूत
संतोष दुबे का आरोप है कि सौंपे गए सबूत में चंपत राय द्वारा खरीदी गई जमीने और मूर्तियां गायब करने का भी रिकॉर्ड है। संतोष दुबे ने कहा कि उन्हें उम्मीद है जल्द ही कुछ अच्छा होगा और चोर जेल जाएंगे।
SIT की जांच से खुश हैं संतोष दुबे
संतोष दुबे ने कहा कि चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उन्होंने एक तहरीर दी थी और उस पर अभी तक पुलिस ने कार्यवाही नहीं की है। उन्होंने कहा कि हम इस पर कोर्ट के जरिए FIR दर्ज कराएंगे। संतोष दुबे का कहना है कि छोटे चोरों के खिलाफ FIR हो गई है लेकिन बड़ों पर कोई आंच नहीं आई। संतोष दुबे का दावा है कि चंपत राय ने खुद को बचाकर FIR दर्ज कराई है लेकिन वह बच नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा कि SIR द्वारा किया गया काम अच्छा है और लग रहा है कि इस पर कार्यवाही होगी।
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