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Lakhimpur Kheri SKM Protest: राकेश टिकैत का आरोप- किसान आंदोलन से पहले थानेदारों ने किसानों को धमकाया

Lakhimpur Kheri SKM Protest: राकेश टिकैत ने बताया, ‘यहां पर हमने लोगों को रुकने के लिए डेरों पर व्यवस्था करवाई थी लेकिन यहां के लोगों ने हाथ खड़े कर दिए।’

Lakhimpur Kheri SKM Protest: राकेश टिकैत का आरोप- किसान आंदोलन से पहले थानेदारों ने किसानों को धमकाया
Farmers Protest On Lakhimpur, किसान विरोध प्रदर्शन लखीमपुर खीरी : लखीमपुर खीरी में थानेदार ने किसानों को धमकाया (Photo- Twitter Video Grab/@sachingupta787)

SKM Protest in Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने संयुक्त किसान मोर्चा (31 किसान संगठनों) के साथ गुरुवार (18 अगस्त) से 75 घंटे का धरना प्रदर्शन शुरू किया है। किसान यूनियन ये धरना प्रदर्शन केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्त करने और उत्तर प्रदेश में (कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान) किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे को रद्द करने की मांग को लेकर रहे हैं। इस धरना प्रदर्शन के दौरान यहां के स्थानीय किसान नहीं नजर आए। जब इस पर किसान नेता राकेश टिकैत से बात की गई तो उन्होंने उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रशासन को इसका जिम्मेदार ठहराया।

एबीपी न्यूज के मुताबिक राकेश टिकैत ने बताया, ‘यहां के थानेदार घर-घर जाकर किसानों को डरा-धमका रहे थे जिसकी वजह से लखीमपुर खीरी का लोकल किसान इस धरना प्रदर्शन में हिस्सा नहीं ले रहा है। कुछ जिम्मेदार किसान जो इस धरने में बड़ी जिम्मेदारी ले सकते थे वो पंजाब चले गए। जब मैंने इसके बारे में पता किया तो पता चला कि इन किसानों को यूपी पुलिस के थानेदारों ने पहले ही डरा-धमका दिया था।’

जिम्मेदार किसानों को थानेदार ने धमका कर पंजाब भेज दियाः टिकैत

राकेश टिकैत ने आगे बताया, ‘जब मैंने उन किसानों से बात की तो उन्होंने बताया कि हम तो पंजाब चले आए हैं। इस पर मैंने कहा भाई एक-दो के यहां शादी-ब्याह का कार्यक्रम हो सकता है सारे जिम्मेदार लोग एक साथ पंजाब क्यों चले गए? यहां पर हमने लोगों को रुकने के लिए डेरों पर व्यवस्था करवाई थी लेकिन यहां के लोगों ने हाथ खड़े कर दिए। लोकल थानेदार डेरों में भी जाकर लोगों को धमकाने लगे कि जो इन डेरों में दिखाई देगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

सरकार ने आंदोलन को दबाने की कोशिश कीः टिकैत

राकेश टिकैत ने कहा, ‘यहां के प्रशासन ने एक तरह से हमारे आंदोलन को दबाने का काम किया है। यहां का एसएचओ तो मंत्री के इशारों पर काम करता है। हमारे पूरे आंदोलन को उस मंत्री के दबाव में प्रशासन ने दबाने की कोशिश की है।’ राकेश टिकैत ने आगे बताया, ‘टिकैत ने कहा हम लोग यहां तिनसुकिया कांड के बाद जेलों में बंद किसानों से मुलाकात करने जाएंगे अगर हमें इन किसानों से मिलने से रोका गया तो हम मार्च भी निकालेंगे इसके लिए।’

सरकार और विपक्ष दोनों पर बोला हमला

किसान नेता राकेश टिकैत से जब पूछा गया कि आपके आंदोलन से सरकार पर कोई फर्क पड़ेगा या नही? तो राकेश टिकैत ने इस पर जवाब देते हुए कहा, ‘हम अपना काम कर रहे हैं पूरे देश में हम घूम-घूम कर जनता को ये बात बताएंगे कि सरकार गरीबों और किसानों के लिए कुछ नहीं कर रही है। जो गैस सिलेंडर ब्लैक में 400-500 रुपये में मिल जाता था वो नंबर एक में ही 1100-1200 का हो गया है, कोयला महंगा हो गया है, पेट्रोल महंगा हो गया इस सरकार ने गरीबों और गरीब बना दिया है जबकि अमीरों के लिए तमाम तरह की सुविधाएं दे दी हैं।’ वहीं जब उनसे विपक्ष के किस नेता को पीएम के लिए खड़ा किया जाए पूछा तो उन्होंने कहा, ‘विपक्ष में भी सब वैसे ही हैं कोई कर के खाने वाला नहीं है। यहां सबको प्रधानमंत्री बनना है एक-एक करके सब मारे जाएंगे।’

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