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राज्‍य सभा में साख बचाने के लिए कांग्रेस लगा रही पूरा जोर, निर्दलीयों को वोट के बदले विकास का वादा

कांग्रेस के लिए 11 जून को होने वाले राज्‍यसभा चुनावों में न केवल सीटें बल्कि साख भी दांव पर लगी है। लोकसभा में 44 सीटों पर सिकुड़ने के बाद राज्‍य सभा ही है जहां पर कांग्रेस मोदी सरकार को चुनौती देने लायक स्थिति में है।

Author June 7, 2016 6:05 PM
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी। (पीटीआई फाइल फोटो)

कांग्रेस के लिए 11 जून को होने वाले राज्‍यसभा चुनावों में न केवल सीटें बल्कि साख भी दांव पर लगी है। लोकसभा में 44 सीटों पर सिकुड़ने के बाद राज्‍य सभा ही है जहां पर कांग्रेस मोदी सरकार को चुनौती देने लायक स्थिति में है। 57 सीटों के लिए हो रहे चुनावों से पहले कांग्रेस आपसी मतभेदों और भाजपा की ओर से खड़े किए गए निर्दलीय उम्‍मीदवारों के चलते परेशान है। इससे निपटने के लिए वह पार्टी विधायकों को वोट डालने का तरीका सिखा रही है तो डिनर आयोजित कर बागियों की पहचान भी कर रही है। वर्तमान में 57 में से कांग्रेस और भाजपा के पास 14-14 सीटें हैं।

कर्नाटक 4 सीटें: रविवार के बाद से कांग्रेस 14 में से सात निर्दलीय या छोटी पार्टियों के विधायकों को महाराष्‍ट्र ले जा चुकी है। बाकी बचे विधायकों को भी जल्‍द ही बाहर ले जाने का अनुमान है। कर्नाटक ही कांग्रेस के पास एकमात्र बड़ा राज्‍य बचा है, वह यहां पर जेडीएस को पीछे छोड़कर ज्‍यादा से ज्‍यादा सीटें जीतना चाहती है। ये 14 विधायक ही तय करेंगे कि कांग्रेस यहां से 3 सीटें जीत पाती है या नहीं। यहां से विजय माल्‍या की सीट भी खाली हुई है। पिछले सप्‍ताह कर्नाटक विधायकों का राज्‍य सभा चुनाव में वोटिंग करने के लिए पैसे मांगने का स्टिंग सामने आया था।

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224 सदस्‍यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 123 विधायक हैं। इसके चलते वह ऑस्‍कर फर्नांडिस और जयराम रमेश के जीतने को लेकर संतुष्‍ट है। लेकिन पूर्व आईपीएस केसी रामामूर्ति को जिताने के लिए उसे 12 विधायक और चाहिए। भाजपा ने यहां से निर्मला सीतारमण को उतारा है। उसके पास 45 विधायक हैं और जिसके चलते जीत तय है। जेडीएस ने कारोबारी बीएम फारूख को उतारा है। उसके पास 40 विधायक है और वह निर्दलीयों के भरोसे है। जेडीएस ने फारूख के लिए 10 निर्दलीय विधायकों के समर्थन बताया था। लेकिन बाद में वे कांग्रेस की ओर चले गए। अब जेडीएस के पांच विधायक भी कांग्रेस की ओर जाते दिख रहे हैं। मुख्‍यमंत्री सिद्धारमैया ने निर्दलीय विधायकों को समर्थन के बदले विकास कार्यों के लिए धनराशि देने का आश्‍वासन दिया है।

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उत्‍तराखंड एक सीट: कांग्रेस ने यहां से प्रदीप टमटा को खड़ा किया है। लेकिन भाजपा के दो नेता भी निर्दलीय के रूप में चुनौती दे रहे हैं। भाजपा के पास 28 विधायक है और उनका कहना है कि वे चुनाव के दिन तय करेंगे कि किसे वोट देना है। कांग्रेस 34 विधायकों के समर्थन का दावा कर रही है इनमें पीडीएफ के छह विधायक भी शामिल हैं।

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