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राज्यसभा चुनाव: शिवसेना ने कहा- कांग्रेस ने चिदंबरम को महाराष्ट्र से खड़ा करके पाप किया है

शिवसेना ने कहा, 'दो वकीलों- चिदंबरम और कपिल सिब्बल को कांग्रेस को बचाने के लिए नामित किया गया, लेकिन क्या कांग्रेस ने देश में (बचाने के लिए) कुछ छोड़ा है।'

मुंबई | Updated: May 30, 2016 4:56 PM
पूर्व केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री का पूरा नाम पालानियप्‍पन चिदम्‍बरम है। (EXPRESS ARCHIVE)

शिवसेना ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को राज्यसभा चुनावों के लिए महाराष्ट्र से खड़ा करने पर कांग्रेस की 30 मई को आलोचना करते हुए कहा कि ‘इस पार्टी ने चिदंबरम को महाराष्ट्र से खड़ा कर खुद को नुकसान पहुंचाया है।’ शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में लिखा है कि प्रवर्तन निदेशालय ने एयरसेल-मैक्सिस सौदे में अपनी मनी लांडरिंग जांच के संबंध में ब्रिटेन और सिंगापुर को न्यायिक अनुरोध पत्र भेजा है और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के पुत्र कार्ति के मित्रों से जुड़ी कुछ कंपनियों के वित्तीय सौदों में समानांतर जांच चल रही है।

संपादकीय में लिखा गया है, ‘यह भी आरोप लगाया गया है कि चिदंबरम ने लश्कर-ए-तैयबा के ‘मानव बम’ को बेकसूर सिद्ध करने के लिए इशरत जहां के इस आतंकी समूह से संबंध का संदर्भ हटाने के लिए हलफनामे में संशोधन किया।’ ‘इन सभी को देखते हुए कांग्रेस ने चिदंबरम को महाराष्ट्र से खड़ाकर खुद को नुकसान पहुंचाया है। क्या कांग्रेस को कभी अक्ल आएगी? इस सवाल का जवाब न में आएगा।’

सामना में लिखा गया है, ‘राज्यसभा के लिए किसे नामित करें, यह उनका (कांग्रेस) आंतरिक मामला है। लेकिन कांग्रेस ने चिदंबरम को खड़ा करके पाप किया है क्योंकि तमिलनाडु में उनके लिए कोई जगह नहीं बची है।’ जहां कार्ति ने किसी गलत काम से इनकार किया है और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करने की बात दोहराई है, उनके पिता पी. चिदंबरम ने सरकार पर अपने परिवार के खिलाफ ‘दुर्भावनापूर्ण हमले’ का आरोप लगाया था। शिवसेना ने पूछा, ‘सबकुछ कहा और किया जा चुका है। वरिष्ठ नेता वरिष्ठजनों के सदन में प्रवेश कर गए। दो वकीलों- चिदंबरम और कपिल सिब्बल को कांग्रेस को बचाने के लिए नामित किया गया, लेकिन क्या कांग्रेस ने देश में (बचाने के लिए) कुछ छोड़ा है।’

इन दोनों के राज्यसभा में प्रवेश से कोई खास फायदा नहीं होगा क्योंकि कांग्रेस, सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा शुरू की गई गोलाबारी के सामने असहाय है। ‘कांग्रेस को बचाने से ज्यादा ऐसा लगता है कि दोनों उम्मीदवारों का नाम सोनिया और राहुल गांधी को बचाने के लिए तय किया गया है।’

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