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कश्‍मीर पहुंचे राजनाथ सिंह ने कहा-पैलेट गन के इस्‍तेमाल से बचें सुरक्षाकर्मी, पाक को भी नसीहत

राजनाथ ने सीधे सीधे पाकिस्‍तान का नाम तो नहीं लिया लेकिन इशारों ही इशारों में उसे कड़ी चेतावनी दे डाली।

Author श्रीनगर | July 24, 2016 9:48 PM
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह

कश्मीर में लोगों से संपर्क कायम करने का प्रयास करते हुए केंद्र ने रविवार (24 जुलाई) को कहा कि वह उनके साथ जरूरत आधारित नहीं बल्कि भावनात्मक संबंध चाहता है। इसके साथ ही केंद्र ने यह भी कहा कि घाटी में एक बार शांति बहाल हो जाए, फिर जिस किसी से भी जरूरत होगी, वह बातचीत के लिए तैयार है। कश्मीर में हाल के दिनों में पैदा हुई अशांति में अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य की अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षाबलों को भीड़ के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल से यथासंभव परहेज करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह गैर-घातक हथियारों के उपयोग पर गौर करने के लिए उनके द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं। समिति दो महीनों में अपनी रिपोर्ट देगी।

घाटी की अपनी यात्रा के दौरान सिंह ने 30 प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इनमें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती नीत सरकारी टीम और उमर अब्दुल्ला नीत विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस टीम भी शमिल हैं। कांग्रेस गृह मंत्री के साथ विचार विमर्श से दूर रही। गृह मंत्री को सौंपे एक ज्ञापन में नेकां ने केंद्र से कहा कि राजनीतिक मुद्दे के परस्पर स्वीकार्य समाधान के लिए आम सहमति तैयार करने की खातिर वह जम्मू कश्मीर के अलगाववादी समूहों और पाकिस्तान के साथ सतत वार्ता शुरू करे। श्रीनगर और अनंतनाग की यात्रा पूरी करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में सिंह ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए चेतावनी दी कि वह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करे और पड़ोसी देश को कश्मीर के बारे में अपना रुख और नजरिया में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘कश्मीर में स्थिति में सुधार के लिए किसी तीसरी ताकत की कोई आवश्यकता नहीं है। कश्मीर पर पाकिस्तान की भूमिका पाक नहीं रही है।’

सिंह ने राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद के लिए अपील करते हुए घाटी में लोगों से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया और कहा, ‘जहां तक भारत सरकार का सवाल है, मैं यह साफ करना चाहता हूं कि हम सिर्फ जरूरत आधारित संबंध नहीं चाहते बल्कि कश्मीर के साथ एक भावनात्मक संबंध बनाना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा कि राज्य में एक बार शांति बहाल हो जाए, फिर जिस किसी से भी जरूरत होगी, केंद्र बातचीत करेगा। यह पूछे जाने पर कि अलगाववादियों के साथ कोई बातचीत होगी, सिंह ने कहा, ‘पहले सामान्य स्थिति और शांति बहाल होने दीजिए, हम यहां मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे और हम उन्हें विश्वास में लेने के बाद ही कार्य करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘पहले हम सुनिश्चित करें कि सामान्य स्थिति बहाल हो। उसके बाद, हम जिस किसी से चाहेंगे, उससे बात करेंगे।’

सिंह ने कहा, ‘मतभेद को बातचीत के जरिए दूर किया जा सकता है क्योंकि दूसरा कोई हल नहीं है।’ उन्होंने कहा कि समस्याओं का हल तुरंत नहीं निकल सकता। ‘समस्याओं का हल 15 दिनों में या एक महीने में नहीं हो सकता। इसमें समय लगेगा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं महसूस करता हूं कि लोकतंत्र में अगर कश्मीरियत के लिए कोई जगह है तो यह सिर्फ इंसानियत की होगी।’ उन्होंने कहा कि देशभर के लोग चाहते हैं कि कश्मीर एक बार फिर ‘फिरदौस’ (स्वर्ग) बने। घाटी में चल रही अशांति के दौरान घायल हुए लोगों के प्रति सहानुभूति जताते हुए सिंह ने युवाओं से पथराव से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘मैं कश्मीर के युवाओं से अपील करता हूं कि वे पथराव में शामिल नहीं हों और सुरक्षा बलों को पेलेट गन के उपयोग से यथासंभव परहेज करना चाहिए।’

सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर की स्थिति को लेकर चिंतित हैं और वह चाहते हैं कि जल्द से जल्द स्थिति में सुधार हो। उन्होंने कहा, ‘मैं कश्मीर की स्थिति को लेकर काफी चिंतित हूं और हमारे प्रधानमंत्री भी इसको लेकर काफी चिंतित हैं। यहां जो हुआ, उस पर खेद जताने के साथ ही मैं उन परिवारों के प्रति संवेदना जताता हूं जिनके सदस्यों की मौत हुई है।’ सिंह ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने शनिवार (23 जुलाई) रात मुझसे बात की और कश्मीर की स्थिति पर चर्चा की। वह चाहते हैं कि स्थिति सुधरनी चाहिए।’ मौजूदा अशांति के दौरान लोगों की मौत पर दुख जताते हुए सिंह ने कहा कि केंद्र घाटी की स्थिति में सुधार के लिए कोई भी रचनात्मक सुझाव के लिए तैयार है। उन्होंने लोगों से कहा कि राज्य की स्थिति में सुधार करने के लिए वे ‘रचनात्मक सुझाव’ दें।

राज्य से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून हटाए जाने के बारे में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जो कुछ भी किया जाएगा, राज्य सरकारों के साथ विचार विमर्श के साथ ही किया जाएगा। अपनी यात्रा के दौरान सिंह ने 30 प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की और इस दौरान उन्हें घाटी में शांति के लिए सुझाव एवं सूचना मिली। उन्होंने कहा, ‘मैंने अनंतनाग का भी दौरा किया और एक घंटे तक लोगों की बातें सुनीं। मैंने अनंतनाग के लोगों से भी शांति बनाए रखने और शांति बहाल करने में मदद की अपील की।’ यह पूछे जाने पर कि क्या भारत कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के साथ बातचीत करेगा, सिंह ने कहा कि किसी तीसरी ताकत को शामिल किए जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

इस्लामाबाद पर बरसते हुए सिंह ने कहा कि एक ओर पाकिस्तान खुद ही आतंकवाद से मुकाबला कर रहा है वहीं वह कश्मीरी युवाओं को हथियार दे रहा है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार किसी भी प्रकार के आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा, ‘मैं पड़ोसी देश से कहना चाहता हूं कि आप आतंकवाद से पीडित हैं। आपने आतंकवादियों को मारने के लिए लाल मस्जिद (लाहौर) पर हमला किया और आप कश्मीर में युवाओं के लिए हथियार भेज रहे हैं। यह बंद होना चाहिए।’

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