अत्याधुनिक तकनीक से लैस हों जांच एजंसियां: राजनाथ सिंह - Jansatta
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अत्याधुनिक तकनीक से लैस हों जांच एजंसियां: राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने आतंकवाद, उग्रवाद और माओवाद को देश के लिए चुनौती बताते हुए इनसे निपटने में लगीं जांच एजंसियों को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने की जरूरत पर बल दिया है..

Author लखनऊ | December 28, 2015 11:21 PM
सोमवार को लखनऊ में एनआइए बिल्डिंग का मॉडल देखते हुए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह।

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद, उग्रवाद और माओवाद को देश के लिए चुनौती बताते हुए इनसे निपटने में लगीं जांच एजंसियों को अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने की जरूरत पर बल दिया है। सिंह ने यहां सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) की लखनऊ शाखा के भवन का शिलान्यास करते हुए कहा, ‘तफ्तीश और जांच का काम अब पुरातन तरीके से नहीं चल सकता, अपराधी उच्च तकनीकि से लैस हैं। ऐसे में जांच एजंसियों को भी अत्याधुनिक तकनीक अपनानी होगी।’ उन्होंने कहा, ‘इतने कम समय में एनआइए ने जिस तरह से काम किया है, इससे भारत के लोग ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया मानने लगी है कि एनआइए पेशेवर, निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से काम करने वाली बेहतरीन एजंसी है।’

गृहमंत्री ने एनआइए की उपलब्धियों की तारीफ करते हुए कहा, ‘हमने उग्रवाद, आतंकवाद और माओवाद पर काफी हद तक काबू पा लिया है। यदि इसी रफ्तार से काम करते रहे तो आगे और भी सफलता प्राप्त होगी।’ उन्होंने कहा, ‘एनआइए जटिल आपराधिक मामलों की जांच करती है। आतंकवाद, माओवाद और उग्रवादियों की संलिप्तता अंतरराष्ट्रीय स्तर तक होती है। इस तरह इस राष्ट्रीय एजंसी का काम और भी चुनौती पूर्ण हो जाता है।’

सिंह ने दुनिया के सामने एक नए और गंभीर संकट के रूप में उभरे ‘आइएस’ का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के दूसरे देशों में आइएसआइएस के सदस्यों की संख्या जो भी हो, भारत में इनके सदस्यों की संख्या नगण्य है। इसका सबसे बड़ा कारण भारतीय मुसलिम परिवार अपने बच्चों को उस रास्ते पर जाने से रोकते हैं। सिंह ने कहा, ‘दुनिया की बाकी जगहों पर आइएस का भय और संकट हो सकता है लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे यहां लाइफ वैल्यूज के प्रति संकल्प रखने वाले लोगों की जमात है, उसके रहते आइएस का वर्चस्व भारत में किसी भी सूरत में नहीं हो सकता। यह बात मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं।’

गृह मंत्री ने कहा कि आइएस के खिलाफ हजारों की संख्या में इमामों ने जिस तरह जुलूस निकाला, वह भारत की तहजीब का ही करिश्मा है। इसमें पारिवारिक और जीवन मूल्यों के प्रति सभी तबके के लोगो में गहरी निष्ठा है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन मूल्य हमेशा से जाति-धर्म के आधार पर भेदभाव करने के बजाय सहिष्णुता को बढ़ावा देने वाले रहे हैं। जब पारसी लोगों को उनके देश से निकाला गया तो उन्हें भारत में ही सबसे ज्यादा सम्मान दिया गया। यह हमारे देश की शिक्षा और संस्कृति का ही चमत्कार है।

गृहमंत्री ने कहा कि भारत ही दुनिया का एकमात्र देश है जहां मुसलमानों के सभी 72 फिरके रहते हैं। किसी इस्लामी देश में भी ये सारे फिरके एक साथ नहीं रहते। शिलान्यास समारोह को एनआइए के महानिदेशक शरद कुमार और उत्तर प्रदेश के जन्तु विज्ञान राज्यमंत्री शिव प्रताप यादव ने भी संबोधित किया। एनआइए के महानिदेशक कुमार ने कहा कि बहुत कम समय में ही इस जांच एजंसी ने अपनी एक अलग पहचान बना ली है। उन्होंने कहा, ‘छह साल में एनआइए को 112 मामले सौंपे गए, जिनमें से 95 फीसद मामलो में सफल जांच पूरी हुई और 92 फीसद मामलों में अपराधियों को सजा दिलाई गई।’ कुमार ने कहा कि इतने कम समय में शानदार कामयाबी अपने आप में एजंसी की दक्षता और विश्वसनीयता को प्रमाणित करने के लिए काफी है।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एनआइए के जिस शाखा परिसर का शिलान्यास किया, उसमें 2720 वर्गमीटर क्षेत्र में कार्यालय और 6065 वर्गमीटर में आवासीय परिसर बनाया जाएगा। इस भवन के लिए गृह मंत्रालय ने 32.66 करोड़ रुपए आबंटित किए हैं और राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) लिमिटेड को निर्माण कार्य सौंपा गया है। लगभग डेढ साल में निर्माण पूरा कर लेने का लक्ष्य है। एनआइए की लखनऊ शाखा उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में होने वाली आतंकवादी और माओवादी मामलों की जांच-पड़ताल का जिम्मा संभालता है।

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