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केंद्र ने किया मणिपुर में फर्जी मुठभेड़ की जांच का वादा

मणिपुर पुलिस के हेड कांस्टेबल थोऊना ओजाम हेरोजित सिंह ने कथित रूप से स्वीकार किया है कि उसने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एक संदिग्ध सदस्य 22 साल के चुंगखाम संजीत मेईतेई को 23 जुलाई, 2009 को इंफल के एक व्यस्त बाजार में गोली मार दी थी।

Author नई दिल्ली | January 28, 2016 12:26 AM
हेरोजीत सिंह ने कथित तौर पर स्वीकार किया था कि उग्रवादी मेईतेई के पास हथियार नहीं थे। उसने यह कार्रवाई अपने वरिष्ठों के आदेश पर की थी।

केंद्र ने मणिपुर पुलिस कमांडो की उस कथित स्वीकारोक्ति की जांच का बुधवार को वादा किया कि उसने 2009 में एक कथित फर्जी मुठभेड़ में एक निहत्थे संदिग्ध उग्रवादी को मार दिया था, जिसको लेकर पूर्वोत्तर राज्य में व्यापक आक्रोश फैल गया था। केरल के दौरे पर गए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने तिरुवनंतपुरम में कहा कि मैं पहले सूचना प्राप्त करूंगा। उसके बाद ही कोई टिप्पणी कर सकता हूं। उसके बाद हम उसकी जांच-पड़ताल करेंगे।

मणिपुर पुलिस के हेड कांस्टेबल थोऊना ओजाम हेरोजित सिंह ने कथित रूप से स्वीकार किया है कि उसने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एक संदिग्ध सदस्य 22 साल के चुंगखाम संजीत मेईतेई को 23 जुलाई, 2009 को इंफल के एक व्यस्त बाजार में गोली मार दी थी। हेरोजीत सिंह ने कथित तौर पर स्वीकार किया था कि मेईतेई के पास हथियार नहीं थे। उसने यह कार्रवाई अपने वरिष्ठों के आदेश पर की थी। सिंह के अनुसार उसने पीएलए के पूर्व उग्रवादी को अपने वरिष्ठ इंफल के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के आदेश पर गोली मारी थी। उसने कहा कि उसने मेईतेई की छाती पर नौ एमएम पिस्तौल से गोली मारी थी।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि केंद्र ने कथित स्वीकारोक्ति की खबरों पर संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि मैं इस खबर और स्वीकारोक्ति को देखकर थोड़ा परेशान हो गया था। हमने इस खुलासे पर संज्ञान लिया है और जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने इतने सालों तक इस मामले में पुलिस कमांडो की चुप्पी पर सवाल उठाए। साथ ही कहा कि इसकी जांच करने की जरूरत है कि क्या कथित स्वीकारोक्ति सही है। कथित फर्जी मुठभेड़ के समय कांग्रेस के इबोबी सिंह मुख्यमंत्री थे। एक टेलीविजन चैनल के पूछे जाने पर कि उसने मुठभेड़ के समय मामले के बारे में जानकारी क्यों नहीं दी, कमांडो ने कहा कि उसे अपनी जान का भय था।

मेईतेई की मां ने बाद में एक पुलिस शिकायत दर्ज कराकर पुलिस पर आरोप लगाया था कि उसने उसके बेटे की फर्जी मुठभेड़ का षड्यंत्र रचा। इसके बाद मामले को 2010 में एक गहन जांच के लिए सीबीआइ को सौंप दिया गया था। उन्होंने बुधवार को अधिकारियों से न्याय की मांग की और कहा कि ऐसा नहीं होने पर सिंह (पुलिस कमांडो) को उनके हवाले कर दिया जाए।

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