video viral sdm assualted a man in lok adalat - VIDEO: फरियाद लेकर पहुंचे शख्स पर भड़क गए एसडीएम, कर दी लात-जूतों से पिटाई - Jansatta
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VIDEO: फरियाद लेकर पहुंचे शख्स पर भड़क गए एसडीएम, कर दी लात-जूतों से पिटाई

कहा जा रहा है कि एसडीएम के सामने फरियादी प्रकाश ने तीखी आवाज में बात कर दी। बस यहीं बात एसडीएम जगदीश चंद्र आर्य को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने लात-घूंसों से प्रकाश को पीटना शुरू कर दिया।

SDM ने लोक अदालत में फरियादी को पीट दिया। फोटो सोर्स – वीडियो स्क्रीनशॉट

राजस्थान के करौली जिले में एसडीएम जगदीश चंद्र आर्य ने लोक अदालत के अंदर ही फरियादी को जमकर पीटा। इस फरियादी को पहले बुरी तरह पीटा गया और फिर उसे गिरप्तार भी करवा दिया गया। बतलाया जा रहा है कि एसडीएम के पास फरियाद लेकर पहुंचे शख्स का नाम प्रकाश है। प्रकाश अपने गांव में जल भराव की समस्या से परेशान था और इसी की शिकायत लेकर वो एसडीएम के पास पहुंचा था। मिली जानकारी के मुताबिक करौली में ‘लोक अदालत आपके द्वार शिविर’ लगाया गया था। प्रकाश यहां अपनी शिकायत लेकर अपनी मां के साथ पहुंचा था।

कहा जा रहा है कि एसडीएम के सामने फरियादी प्रकाश ने तीखी आवाज में बात कर दी। बस यहीं बात एसडीएम जगदीश चंद्र आर्य को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने लात-घूंसों से प्रकाश को पीटना शुरू कर दिया। एसडीएम ने अदालत में मौजूद कर्मचारियों को भी प्रकाश को पीटने के लिए कहा। हैरानी इस बात की भी है कि लोक अदालत में जिस वक्त प्रकाश को बेहरमी से घसीटा और पीटा जा रहा था उस वक्त वहां दूसरे फरियादी भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी प्रकाश को बचाने की कोशिश नहीं की।

शिविर में ही मौजूद लोगों ने इस पूरी मारपीट का वीडियो भी बना लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हुआ है। यह घटना मंगलावर (12 जून) की है। वीडियो टोडाभीम क्षेत्र के गांव कमालपुरा का है। फरियादी की पिटाई करने के बाद एसडीएम ने उल्टा फरियादी पर ही शांति भंग करने का आरोप लगाकर उसे पुलिस से गिरफ्तार भी करवा दिया।

इधर इस घटना के बाद यहां के लोगों का कहना है कि उनके यहां अफसरशाही पूरी तरह हावी है। अफसरों के रवैये के चलते वो लोग अपनी समस्याएं तक उनसे नहीं कह पाते। इधर कांग्रेस पार्टी ने भी इस घटना का विरोध किया है और कहा है कि पार्टी इसकी शिकायत मानवाधिकार आयोग से भी करेगी। कांग्रेस ने पूरे मामले पर एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आपको बता दें कि अभी तक इस मामले में एसडीएम की तरह से उनका पक्ष सामने नहीं आया है।

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