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सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी- राजस्थान में सरकारी मशीनरी में ‘जंग’ लगी है

illegal mining in aravali: न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने अरावली क्षेत्र में वनस्पति और जीव नष्ट किये जाने पर नाराजगी की व्यक्त की।

Author February 4, 2019 8:18 PM
सुप्रीम कोर्ट। (Express Photo by Tashi Tobgyal)

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि राजस्थान में समूची सरकारी मशीनरी को ‘जंग’ लगा हुआ है और राज्य के अरावली इलाके में हो रहे गैरकानूनी खनन में संलिप्त लोगों के साथ इसके अधिकारियों की ‘मिली भगत’ है। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने अरावली क्षेत्र में वनस्पति और जीव नष्ट किये जाने पर नाराजगी की व्यक्त की। इस क्षेत्र में गैरकानूनी खनन की गतिविधियों की सच्चाई का पता लगाने की कवायद पूरा नही होने की वजह हाल ही में संपन्न विधान सभा चुनाव और आगामी लोक सभा चुनाव बताने पर न्यायालय ने राजस्थान सरकार को आड़े हाथ लिया।

पीठ ने शीर्ष अदालत के आदेश पर अभी तक अमल नहीं होने और लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिये राज्य के मुख्य सचिव को आठ फरवरी को पेश होने का निर्देश दिया है। पीठ ने पिछले साल 29 अक्टूबर के आदेश का जिक्र किया जिसमे राजस्थान के मुख्य सचिव के इस कथन को नोट किया गया था कि करीब 27 फीसदी इलाके की सच्चाई पता लगाने का काम पूरा हो गया है और शेष कार्य तीन महीने के भीतर पूरा हो जायेगा। शीर्ष अदालत अरावली पर्वत श्रृंखला में कथित गैरकानूनी खनन गतिविधियों से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही है। पीठ ने राजस्थान सरकार के वकील से भूमि की वास्तविक स्थिति के बारे में कहा कि करीब 31 फीसदी काम पूरा हुआ है।

वकील ने कहा कि राजस्थान विधान सभा के चुनावों की वजह से यह काम पूरा नहीं हो सका है और अब लोक सभा के चुनाव होने वाले हैं। इस पर पीठ ने कहा, ‘‘यह सब क्या है? इस तरह के रवैये के साथ इस न्यायालय में नहीं आयें। यह नहीं कहें कि अब यह चुनाव है और वह चुनाव। आप इस काम को करना नहीं चाहते हैं। पीठ ने कहा, ‘‘आप और आपके अधिकारियों की उनके साथ (गैरकानूनी खनिकों) सांठगांठ है। अरावली का समूचा इलाका बर्बाद हो गया है और सारी वनस्पतियां तथा जीव नष्ट हो चुके हैं। पीठ ने कहा, ‘‘ आप क्या कह रहे हैं? चुनाव होने वाले हैं, इसलिए उस समय तक गैर कानूनी खनन होता रहेगा? यह क्या है? आप यह करना नहीं चाहते क्योंकि यह आपके माफिक है। पूरी सरकारी मशीनरी में जंग लगी है।’’ पीठ ने सवाल कहा, ‘‘क्या हम आपकी दया पर निर्भर हैं?’’ साथ ही पीठ ने पिछले साल 29 अक्टूबर के अपने आदेश का जिक्र करते हुये कहा कि तीन महीने का समय अब पूरा हो चुका है और आपने अभी तक काम पूरा क्यों नहीं किया। आप अपने मुख्य सचिव को बुलायें।

वकील ने जब यह कहा कि उसने इस मसले पर सोमवार को ही सरकार से निर्देश प्राप्त किये हैं तो पीठ ने कहा, ‘‘ कोई निर्देश नहीं। हम अपने आदेश पर अमल चाहते हैं।’’ राजस्थान सरकार ने पिछले साल शीर्ष अदालत से कहा था कि राज्य के अरावली इलाके में 115.34 हेक्टेयर भूमि में किसी प्रकार की गैरकानूनी खनन गतिविधि नहीं चल रही है।न्यायालय ने केन्द्रीय अधिकारप्राप्त समिति की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुये इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि 31 पहाड़ियां विलुप्त हो चुकी हैं।

 

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