राजस्थान के इस थाने में कैदियों को रखने के लिए नहीं कोई लॉकअप, लकड़ी के खूंटे से पड़ता है बांधना - sriganganagar district police station have no lockups and tie the arrested people in the wooden post - Jansatta
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राजस्थान के इस थाने में कैदियों को रखने के लिए नहीं कोई लॉकअप, लकड़ी के खूंटे से पड़ता है बांधना

चेन से बंधे जमीन पर बैठे हुए कैदियो की हमेशा देख-रेख करनी पड़ती है क्योंकि लकड़ी का खूंटा इतना मजबूत भी नहीं है कि वे उसे उखाड़ न सके।

Author श्रीगंगानगर | June 18, 2017 4:06 PM
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में जीआरपी पुलिस थाने में अपराधियों को बंद करने के लिए लॉकअप तक नहीं है जिसके कारण कैदियों को गिरफ्तार करके थाने में रखना पुलिस के लिए एक बड़ा कठिन काम बना हुआ है। इस जिले में बोर्डर के पास बने एक पुलिस स्टेशन में पिछले 33 सालों से लॉकअप की सुविधा नहीं है। इसकी शिकायत कई बार उच्च अधिकारियों से की गई लेकिन इसपर अभीतक कोई कदम नहीं उठाया गया है। पुलिस थाने के एसएचओ धाने सिंह ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि थाने में कैदियों को रखने के लिए केवल एक छोटा सा कमरा बना हुआ है।

उस कमरे में एक लकड़ी का खूंटा गढ़ा हुआ है जिसमें एक चेन बंधी है। इस चेन के जरिए कैदियों को खूंटे से बांधा जाता है। सिंह ने कहा कि इस तरह कैदियों को एक ही जगह पर किसी चेन से बांधना हमें अच्छा नहीं लगता है। हम यह भी जानते हैं कि यह मानवधिकार के खिलाफ है लेकिन ऐसा करने के लिए हम मजबूर हैं। चेन में बंधे कैदी केवल इधर से उधर एक जगह पर बैठे हुए मुड़ सकते हैं। यहां तक की जब तक उन्हें टॉटलेट की जरुरत नहीं होती तब तक कैदियों को एक जगह पर ही बैठना पड़ता है।

सिंह ने कहा कि चेन से बंधे जमीन पर बैठे हुए कैदियो की हमेशा देखरेख करनी पड़ती है क्योंकि लकड़ी का खूंटा इतना मजबूत भी नहीं है कि वे उसे उखाड़ न सके। दिन के सभी काम करते हुए भी उन्हें देखना पड़ता है। इस खूंटे से एक बार में केवल एक ही कैदी को बांधा जा सकता है क्योंकि वहां इतनी जगह नहीं है कि एक ही खूंटे से दो लोगों को बांधा जा सके। इसी की वजह से हमें 12 घंटे का सफर करके बिकानेर जाना पड़ता है जहां पर उन्हें कोर्ट में पेश कर वहीं की जेल में भेजना पड़ता है। पिछले तीन दशकों से कई बार प्रशासन को इस संबंध में पत्र भेजे गए लेकिन यहां पर अभीतक लॉकअप नहीं बनवाया गया है।

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