rajasthan news, hindi news, jaipur news, three members committee formed for seventh pay commission in rajasthan - 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए राजस्थान सरकार ने की कमेटी गठित, 7 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ - Jansatta
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7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए राजस्थान सरकार ने कमेटी बनाई, 7 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

7वें वेतन आयोग की शिफारिशों को अब तक 13 राज्य लागू कर चुके हैं जिसमें से हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश शामिल है।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 7वें वेतन आयोग के हिसाब से सभी केंद्रीय कर्मियों को वेतन और भत्ता देना आरंभ कर दिया है।

राजस्थान सरकार ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी डी.सी सामंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह कमेटी 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक, राज्य के करीब सात लाख सरकारी कर्मचारियों पर रिवाइज्ड वेतनमान, भत्तों और इससे सरकार पर आने वाले वित्तीय भार का आंकलन करेगी। शासन उप सचिव (वित्त)  के अनुसार गठित की गई समिति में डी के मित्तल और एम पी दीक्षित (राजस्थान लेखा सेवा के पूर्व अधिकारी) को शामिल किया गया है। समिति तीन महीने में सरकार को अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट मिलने के बाद 7 वेतनमान को लागू करने में करीब 2 से 3 महीने का समय लगेगा। माना जा रहा है कि सरकार इसे अक्टूबर तक लागू कर सकती है।

बता दें कि 7वें वेतन आयोग की शिफारिशों को अब तक 13 राज्य लागू कर चुके हैं जिसमें से हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश शामिल है लेकिन राजस्थान में अब तक पेंच इसलिए फंसा हुआ था क्योंकि कार्मिक विभाग की ओर से जो फाइल अखिल भारतीय सेवा (आईएएस, आईपीएस और आईएफएस) अफसरों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने के लिए दी गई थी उसे वित्त विभाग ने ठंडे बस्ते में डाल दिया, जबकि पिछले बजट में कमेटी गठन का प्रावधान किया जा चुका है।

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेश महामंत्री तेज सिंह राठौड ने बताया कि सरकार ने राज्य कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मिकों को सातवें वेतनमान के समान लाभ देने को लम्बा खिंचने के लिए जानबूझकर समिति गठित की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूर्व में पांचवा और छठवां केन्द्रीय वेतनमान का लाभ सीधे दे दिया था, किसी तरह की समिति गठित नहीं की थी। सरकार ने यह समिति गठित कर कर्मिकों को राहत नहीं दी है बल्कि आहत किया है।

गौरतलब है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने 7वें वेतन आयोग के हिसाब से सभी केंद्रीय कर्मियों को वेतन और भत्ता देना आरंभ कर दिया है। 1 जनवरी 2016 से इस वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया गया है और अधिकतर विभागों में एरियर भी दे दिए गए हैं लेकिन केंद्र सरकार के अधीन आने वाले स्वायत्त संस्थानों में इसे अभी भी लागू नहीं किया गया है। सातवें वेतन आयोग के नोटिफिकेशन के आधार पर एक केन्द्रीय कर्मचारी की न्यूमतम सैलरी 7,000 रुपये प्रति माह से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई है।

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