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राजस्‍थान: प्रदेश में योग्‍य टीचर्स की कमी, 62 को देना था राजकीय सम्‍मान, मिले सिर्फ 33

हर साल पूरे प्रदेश के 62 शिक्षकों को सम्मानित करने की परंपरा रही है। लेकिन इस बार ये सम्मान सिर्फ 33 शिक्षकों ही दिया जाएगा। यही स्थिति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के चयन के समय भी रही थी। जब सभी 6 शिक्षकों के कोटे में से सिर्फ 2 शिक्षक ही सभी योग्यताएं पूरी कर सके थे।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

राजस्थान में शिक्षक दिवस के मौके पर हर साल राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जाता है। इस समारोह में पूरे प्रदेश के 62 शिक्षकों को सम्मानित करने की परंपरा रही है। लेकिन इस बार ये सम्मान सिर्फ 33 शिक्षकों ही दिया जाएगा। कमोबेश यही स्थिति राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के चयन के समय भी रही थी। जब सभी 6 शिक्षकों के कोटे में से सिर्फ 2 शिक्षक ही सभी योग्यताएं पूरी कर सके थे। सम्मानित होने वाले शिक्षकों में माध्यमिक शिक्षा के 26, प्रारंभिक शिक्षा के 3 और संस्कृत शिक्षा के 2 शिक्षक शामिल हैं।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने साल 2018 के श्री गुरुजी सम्मान के लिए योग्य शिक्षकों के नामों की घोषणा मंगलवार (28 अगस्त) को की। इसके तहत प्रदेश के हर जिले से सर्वश्रेष्ठ शिक्षक को श्री गुरूजी सम्मान से नवाजा जाएगा। शिक्षा मंत्री ने मीडिया को बताया कि सर्वश्रेष्ठ शिक्षक को मिलने वाले श्री गुरूजी सम्मान के लिए प्राइमरी और उच्च प्राथमिक विद्यालयों से योग्य अध्यापकों के चुनाव के निर्देश दिए गए थे। चुने गए शिक्षकों को पुरस्कार के रूप में ग्यारह-ग्यारह हजार रुपए की राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

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पुरस्कार पाने वाले चयन का पैमाना शिक्षक या संस्था प्रधान का कार्य प्रदर्शन, शिक्षा की गुणवत्ता और उसमें योगदान होता है। इसके अलावा पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों के तीन शैक्षिक सत्रों के परीक्षा परिणाम, नामांकन वृद्धि में योगदान, शैक्षणिक कार्यों के साथ विद्यालय संचालन में अतिरिक्त प्रभार का निर्वाह जैसे दायित्वों का भी आंकलन किया जाता है। इस बार ये समारोह 5 सितंबर को खुले मैदान में अमरूदों के बाग में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में दिसंबर 2013 के बाद नियुक्ति पाने वाले 50 हजार शिक्षकों को भी आमंत्रित किया गया है। इसे 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले शिक्षकों के बड़े वर्ग को साधने की कवायद के तौर पर भी देखा जा रहा है।

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