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बेटी की चाहत में पैदा किए सात लड़के, जब खेत में मिली नवजात तो CWC बता रहा कानून

धोलपुर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य ने कहा कि बच्चे गोद लेने की एक कानूनी प्रक्रिया होती है। ऐसे ही कोई किसी नवजात को गोद नहीं ले सकता है।

राजस्थान के धोलपुर जिले के समीर का पुरा गांव के किसान को अपने खेत के पास एक नवजात बच्ची मिली। पैदा होने के बाद कोई उसे यहां छोड़ गया। किसान लीलाधर कुशवाह और उसकी पत्नी सुखी देवी के सात बेटे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक बच्ची के मिलने से 2 दिन पहले ही लीलाधर के एक बेटे का जन्म हुआ था। बच्ची के मिलने के बाद 35 साल के कुशवाह ने अधिकारियों से बच्ची के पालन पोषण के लिए कुछ सरकारी सहायता की अप्रोच लगाई। बच्चे गोद लेने की कानूनी कार्रवाई करने वाली संस्था चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने कुशवाह से बच्ची को सोमवार (25 सितंबर) तक संस्था को वापस करने के लिए कहा, साथ ही कहा कि अगर बच्ची को वापस नहीं करने पर आपराधिक आरोपों का सामना करने के लिए तैयार रहने की भी चेतावनी दी। धोलपुर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य डॉक्टर नरेश शर्मा ने कहा कि बच्चे गोद लेने की एक कानूनी प्रक्रिया होती है। ऐसे ही कोई किसी नवजात को गोद नहीं ले सकता है।

उन्होंने बताया कि ऐसे छोड़े गए एक नवजात बच्चे को गोद लेने के लिए योग्य होने में 2 महीने का समय लग सकता है। इन दो महीनों पुलिस बच्चे को जन्म देने वाले माता पिता की तलाश करती है। अगर बच्चा बीमार है तो उसका इलाज कराया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में करीब दो महीने का समय लग जाता है। इसके बाद हम सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी को जानकारी देते हैं कि एक बच्चा गोद लेने के लिए उपलब्ध है। कुशवाह की पत्नी सुख देवी इस बच्ची को लौटाने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि दुर्गा माता से उन्हें यह उपहार मिला है, वह कब से इसका इंतजार कर रही थीं। बच्ची को वापस देने का सवाल ही नहीं उठता।

दंपती का कहना है कि उन्हें अपने परिवार को पूरा करने के लिए एक लड़की की जरूरत थी और सात लड़कों के बाद उन्हें लड़की मिली है। कुशवाह ने कहा कि सातवें लड़के का जन्म होने का बाद हम यही सोच रहे थे कि अब हम और बच्चा पैदा नहीं करेंगे और एक लड़की गोद लेंगे। और भगवान ने हमें पहले ही उसे दे दिया। कुशवाह के पास गांव में ग्वालियर आगरा हाइवे के सास 6 बीघा जमीन है। समीर का पुरा बरेथा ग्राम पंचायत में आता है। यहां हॉस्पिटल भी नहीं है। सुख देवी के सभी बच्चे घर पर ही पैदा हुए हैं।

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