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राजस्थान कांग्रेस में रार, सीएम पद के लिए पार्टी में अब तीसरा उम्मीदवार!

एक दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार (28 जुलाई) को खुद को सीएम फेस बताकर राज्य में खासकर कांग्रेसी खेमे में हलचल पैदा कर दी थी।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (काली बंडी पहने हुए बीच में) और राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट। (फोटो-फेसबुक)

राजस्थान कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर आपसी खींचतान जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बाद अब पूर्व केंद्रीय मंत्री सीपी जोशी को भी सीएम पद का दावेदार बताया जाने लगा है जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट पहले से ही सीएम पद के पहले दावेदार समझे जाते रहे हैं। पार्टी में ऐसी स्थिति पर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे की चिंता बढ़ गई है। पांडे ने पार्टी नेताओं को अनर्गल बयानबाजी न करने की चेतावनी जारी की है। अब जब विधान सभा चुनाव में सिर्फ चार महीने रह गए हैं, तब पार्टी के अंदर से एक के बाद एक नाम की चर्चा से पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हालांकि, पार्टी की तरफ से अभी तक किसी भी नाम पर मुहर नहीं लगाया जा सका है जबकि बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को फिर से चेहरा बनाया गया है।

बता दें कि रविवार (29 जुलाई) को सीपी जोशी का जन्मदिन था। इस मौके पर उनके गृह क्षेत्र नाथद्वारा में मतदाताओं के साथ सीपी जोशी का एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोशी को सीएम प्रोजेक्ट करने की मांग उठाई। यहां तक कि उनके समर्थन में नारेबाजी भी की गई। बता दें कि साल 2008 के विधान सभा चुनावों के वक्त सीपी जोशी भी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में शामिल थे लेकिन अपने ही गढ़ नाथद्वारा में बीजेपी उम्मीदवार कल्याण सिंह से एक वोट की वजह से हार जाने के कारण उनकी उम्मीदवारी पर पानी फिर गया था।

एक दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार (28 जुलाई) को खुद को सीएम फेस बताकर राज्य में खासकर कांग्रेसी खेमे में हलचल पैदा कर दी थी। उस वक्त अशोक गहलोत ने कहा था, “जब चेहरा दस साल सामने रहा हो तो अब किस नए चेहरे को सामने लाया जाए।” बता दें कि इस साल के आखिर में राजस्थान में विधान सभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस को उम्मीद है कि वसुंधरा सरकार के खिलाफ एंटी इनकमबेंसी फैक्टर, बीजेपी के प्रति जाट वोटरों की उदासीनता और बीजेपी की देशव्यापी दलित विरोधी छवि की वजह से कांग्रेस राजस्थान में वापसी कर सकती है। हालिया उप चुनावों में भी कांग्रेस को जीत मिली है। इससे पार्टी उत्साहित है।

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