राजस्‍थान गौरव यात्रा: वसुंधरा राजे की लग्‍जरी बस में एलिवेटर, बाथरूम, छत भी खुलती है - Rajasthan cm Vasundhara Raje Rajasthan Gaurav Yatra with a luxury bus having bathroom, lift open roof and many more facilities - Jansatta
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राजस्‍थान गौरव यात्रा: वसुंधरा राजे की लग्‍जरी बस में एलिवेटर, बाथरूम, छत भी खुलती है

सीएम ने 4 अगस्त को राजसमंद के प्रतिष्ठित श्री चारभुजा नाथ जी मंदिर से पूजा अर्चना के बाद गौरव यात्रा की शुरुआत की। बता दें कि इस मंदिर का वसुंधरा राजे के साथ खास लगाव है। जब वह 18 साल पहले पहली बार राज्य की सीएम बनीं थी, तब से 65 साल की वसुंधरा हर बार अपने चुनाव अभियान की शुरुआत इसी चारभुजा मंदिर से करती हैं।

जयपुर में 3 अगस्त को राजस्थान गौरव यात्रा की शुरुआत करने से पहले लग्जरी बस की पूजा करती हुईं सीएम वसुंधरा राजे (फोटो-पीटीआई)

राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले सीएम वसुंधरा राजे जनसंपर्क अभियान पर निकली हैं। इसके लिए उन्होंने एक मॉर्डन बस को चुना है। अगले 40 दिनों तक वे इस बस के जरिये राज्य के 165 विधानसभाओं से होकर गुजरेंगी और 6 हजार किलोमीटर दूरी तय करेंगी। सीएम वसुंधरा इस बस को अपना रथ करार देती हैं, राजा-महाराजाओं के रथों से इतर इस आधुनिक ‘रथ’ में वातानुकूलन की सुविधा है, यानी कि रथ में एयर कंडीशन लगे हैं, यहीं नहीं सुविधा के मामले में इस बस में बाथरूम और लिफ्ट भी है।

अशोक लेलैंड कंपनी की इस 407 बस में एक खुली छत भी है। इस छत के जरिये सीएम रैलियां और जनसभाएं संबोधित करेंगी। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस लग्जरी बस में इंजीयनियरिंग का वो कमाल है जिसके जरिये बस का ऊपरी हिस्सा खुल जाता है, और एक स्टैंडनुमा ढांचा बाहर आता है। इस स्टैंड के जरिये सीएम लोगों से रु-बरू होंगी। इस वक्त राजस्थान के तपिश और उमस भरे मौसम को देखते हुए बस में उनके लिए सारी सुविधाओं का ख्याल रखा गया है। सीएम को इस बस में 40 दिन गुजारने हैं, लिहाजा इसकी डिजाइनिंग इस तरह की गई है कि वे इसके अंदर घर जैसा ही महसूस कर सकें।

सीएम ने 4 अगस्त को राजसमंद के प्रतिष्ठित श्री चारभुजा नाथ जी मंदिर से पूजा अर्चना के बाद गौरव यात्रा की शुरुआत की। बता दें कि इस मंदिर का वसुंधरा राजे के साथ खास लगाव है। जब वह 18 साल पहले पहली बार राज्य की सीएम बनीं थी, तब से 65 साल की वसुंधरा हर बार अपने चुनाव अभियान की शुरुआत इसी चारभुजा मंदिर से करती हैं। वसुंधरा राजे के कैबिनेट मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा, “यह जगह मेवाड़ क्षेत्र की गौरव गाथा से जुड़ा हुआ है, यह वीरता, इतिहास और भक्ति का प्रतीका है, इसलिए वसुंधरा जी यहां आती हैं।” बता दें चारभुजा मंदिर राजस्थान का एक मात्र मंदिर है जहां के पुजारी जानवरों का पालन-पोषण करने वाले पारंपरिक गुज्जर हैं। बता दें कि जब वसुंधरा राजे पिछली बार राज्य की सीएम थीं तो उस वक्त गुज्जरों ने आरक्षण की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन किया था।

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