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राजस्थान का चुनावी रंग: व्हाट्सऐप पर भाजपा के 5000 ग्रुप, 20 लाख लोगों तक पहुंच, कांग्रेस के 25,000 वॉलेंटियर्स, 72 एक्सपर्ट

तुलानात्मक नजरिए से देखा जाय तो भाजपा की सोशल मीडिया सेल और आईटी टीम कांग्रेस से मजबूत स्थिति में है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह खुद इस पर नजर बनाए हुए हैं।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

राजस्थान में 7 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। उससे पहले दोनों प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस ने सोशल मीडिया के जरिए मतदाताओं को लुभाने के लिए अपने-अपने वार रूम बनाए हैं, जहां उनके वॉलेंटियर्स दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। भाजपा जहां 5000 व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए एक सेकेंड में 20 लाख लोगों तक संदेश भेजने में सक्षम है, वहीं कांग्रेस के वार रूम में 25,000 वॉलेंटियर्स 72 एक्सपर्ट की मौजूदगी में काम कर रहे हैं। कांग्रेस के पास भी 3000 व्हाट्सऐप ग्रुप है। हालांकि, सोशल मीडिया पर फैन फॉलोइंग के मामले में कांग्रेस भाजपा से काफी पीछे चल रही है। राजस्थान भाजपा के फेसबुक पर 6 लाख 80 हजार और ट्विटर पर 1.40 लाख फॉलोअर्स हैं जबकि राजस्थान कांग्रेस के टि्वटर फॉलोअर्स की संख्या 34,773 है और फेसबुक पेज को 6 लाख 51 हजार लोग फॉलो कर रहे हैं।

तुलानात्मक नजरिए से देखा जाय तो भाजपा की सोशल मीडिया सेल और आईटी टीम कांग्रेस से मजबूत स्थिति में है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह खुद इस पर नजर बनाए हुए हैं। वो कई बार बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं, आईटी सेल और सोशल मीडिया के वॉलेंटियर्स से मुलाकात कर चुके हैं और जीत का मंत्र उन्हें दे चुके हैं। शाह की नजर राज्य के 67.53 लाख नए वोटरों पर है जो पहली बार वोट डालेंगे। भाजपा इन्हें गेमचेंजर मानते हुए उन्हें लुभाने की कोशिश कर रही है। इसी वजह से पार्टी की तरफ से पूरे राज्य में हरेक बूथ पर एक आईटी सदस्य की नियुक्ति की गई है जो उन युवा मतदाताओं पर विशेष फोकस रख रहा है।

भाजपा फेसबुक और ट्विटर के अलावा यू-ट्यूब चैनल पर भी फोकस कर रही है। पार्टी का यू-ट्यूब चैनल भी है जिस पर वीडियो बनाकर अपलोड किए जाते हैं। भाजपा ने मीम बनाने के लिए भी दर्जन भर डिजायनरों की नियुक्ति की है। भाजपा सोशल मीडिया के जरिए जहां कांग्रेस पर परिवारवाद और गुजरात के हालिया हिंसा को मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस बेरोजगारी, भूख से राज्य में हुई मौत और राज्य के सरकारी कर्मचारियों की नाराजगी व हड़ताल को मुद्दा बना रही है। राज्य में चुनावी नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे।

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