ताज़ा खबर
 

अलवर: पहलू खान की मौत के 7 महीने बाद मुस्लिम युवक की हत्‍या, गोरक्षकों पर लगे आरोप की हो रही जांच

अलवर की मेव पंचायत प्रमुख शेर मोहम्‍मद ने आरोप लगाया कि गो-तस्‍करों ने हत्‍या की है और उसकी लाश रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दी ताकि यह एक हादसा लगे।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

राजस्‍थान की अलवर पुलिस गो रक्षकों द्वारा हत्‍या के एक कथित मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, जिले में शुक्रवार सुबह गोवंशीय पशु से लदी एक पिकअप गाड़ी मिली। जहां से गाड़ी मिली, वहां से 15 किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर एक व्‍यक्ति की लाश बरामद हुई। कहा जा रहा है कि यह लाश पिकअप में सवार तीन व्‍यक्तियों में से एक की है। अलवर एसपी राहुल प्रकाश ने कहा, ”अभी ज्‍यादा कुछ साफ नहीं है। गो तस्‍करों से जुड़ा एक वाहन शुक्रवार सुबह 6 बजे अलवर के गोविंदगढ़ पुलिस थाने की सीमा में मिला है।” मामले में शुक्रवार को आरोपी गो-तस्‍करों के खिलाफ राज्‍य के गोवंश हत्‍या प्रतिरोधी कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। वाहन को जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री भेज दिया गया है।

अलवर दक्षिण के क्षेत्राधिकारी अनिल बेनीवाल ने कहा कि ‘पिकअप में तीन गायें और तीन बछड़े थे, जिनमें से एक गाय मर चुकी थी। गाड़ी के पहले दो टायर गायब थे और पिछले दोनों टायर पंक्‍चर किए गए थे। बाद में, वहां से 15 किलोमीटर दूर रामगढ़ इलाके में एक लाश बरामद हुई। उसके संबंधियों ने उसकी पहचान 35 वर्षीय उम्‍मर के रूप में की है, वह भरतपुर का निवासी है।’

एसपी ने कहा कि ‘अभी हत्‍या के पीछे की वजह स्‍पष्‍ट नहीं की जा सकती है। दोनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी या नहीं भी हो सकती हैं, यह जांच का विषय है कि वह (उम्‍मर) वाहन में था या नहीं।’ उन्‍होंने कहा कि उम्‍मर के घरवालों में शुरुआत में तब तक पोस्‍टमॉर्टम नहीं कराया, जब तक हमलावर पकड़े नहीं गए।

अलवर की मेव पंचायत प्रमुख शेर मोहम्‍मद ने आरोप लगाया कि गो-तस्‍करों ने उम्‍मर की हत्‍या की है और उसकी लाश रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दी ताकि यह एक हादसा लगे। उम्‍मर के रिश्‍तेदारों के अनुसार, हमले के समय उसके साथ दो अन्‍य लोग थे। भरतपुर की पहाड़ी पंचायत समिति के घाटमिका गांव के सरपंच शौकत ने कहा, ”हमले के वक्‍त उम्‍मर के साथ ताहिर और जावेद थे। तीनों हमारे ही गांव के हैं।”

उम्‍मर के चाचा इलयास ने द इंडियन एक्‍सप्रेस को बताया क‍ि ”केवल जावेद ही ऐसा था जो भाग पाया। उसने मुझे बताया कि उन पर बंदूकधारियों ने हमला किय था। उसने कहा कि वह बड़ी मुश्किल से भाग पाया और नहीं जानता कि बाकी दोनों के साथ क्‍या हुआ।”

इसी साल, 1 अप्रैल को अलवर जिले में ही हरियाणा के 55 साल के डेरी किसान पहलू खान को गो रक्षकों ने जमकर पीटा था। दो दिन बाद उनकी मौत हो गई थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App