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राजस्‍थान में बच्‍चों पर जुल्‍म: नंगा कर पीटा, ढाई किमी तक परेड करवाई

इस मामले की जानकारी देते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वीडियो के आधार पर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

बीजेपी शासित प्रदेश राजस्थान में बच्चों से जबरन बाल मजदूरी कराने का मामला सामने आया है। यह मामला बीकानेर के मोत्वता गांव का है, जहां पर चार बच्चों ने पड़ोसी के खेत में काम करने से इनकार किया तो आरोपियों ने उनके कपड़े उतारकर उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, नग्नावस्था में बच्चों को ढाई किलोमीटर तक परेड भी कराई गई। यह घटना उस समय सामने आई जब आरोपियों द्वारा बनाया गया इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

इस मामले की जानकारी देते हुए एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि वीडियो के आधार पर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली गई है और मामले की पूरी जांच की जा रही है। बता दें कि भारत में बाल मजदूरी एक बहुत ही बड़ी समस्या है। इतना ही नहीं, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरों के आंकड़ों के अनुसार,  2015 के मुकाबले 2016 में बच्चों को लेकर होने वाले अपराधों के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे। बच्चों को या तो अगवा किया जाता है या उन्हें बेच दिया जाता है।

इन बच्चों को कहीं भी मजदूरी के लिए लगा दिया जाता है और बच्चियों को देह-व्यापार में धकेल दिया जाता है। बाल मजदूरी की बात की जाए तो अभी तक भारत में बाल मजदूरों को लेकर सही आंकड़े सामने नहीं आए हैं। इसका कारण एक यह भी है कि भारत में बाल मजदूरी को सही रूप से परिभाषित ही नहीं किया जा सका है। सरकारी आंकड़ों की बात की जाए तो उनमें कहा गया है कि देश में 1 करोड़ 70 लाख बच्चे बाल मजदूरी के शिकार हैं। वहीं, खतरनाक उद्योगों में काम करने वाले बच्चों को इस आंकड़े में जोड़ा जाए तो यह संख्या 2 करोड़ पार कर सकती है।

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