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उदयपुर में टेलर कन्‍हैया की निर्मम हत्‍या: मुनव्‍वर राणा रो पड़े, बोले- मैं तो कभी कुर्बानी में भी खड़ा नहीं होता हूं, देखा नहीं जाता

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि आतंक फैलाने के इरादे से हत्या की गई है और दूसरे देशों से भी आतंकियों के संपर्क थे।

उदयपुर में टेलर कन्‍हैया की निर्मम हत्‍या: मुनव्‍वर राणा रो पड़े, बोले- मैं तो कभी कुर्बानी में भी खड़ा नहीं होता हूं, देखा नहीं जाता
मुनव्वर राणा (express file photo)

राजस्थान के उदयपुर की घटना को लेकर देशभर से प्रतिक्रिया सामने आ रही है। सभी लोग घटना की निंदा कर रहे हैं और दोषियों के लिए कड़ी कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने कहा है कि इस तरीके की घटना के लिए कोई जगह नहीं है। मुनव्वर राणा घटना का जिक्र करते हुए टीवी पर ही भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि मैं तो कुर्बानी में भी नहीं खड़ा हो पाता।

शायर मुनव्वर राणा ने समाचार चैनल एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा, “जिस मजहब में मां को भी मक्का मदीना के समान बताया गया है, उस मजहब में इंसानियत का खून होना, इंसान का खून होना, इस्लाम नहीं सिखाता है। यह बहुत बड़ा गुनाह है, बहुत बड़ा पाप है।”

मुनव्वर राणा राजस्थान की घटना का जिक्र करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने आगे कहा, “मैं कुर्बानी में भी नहीं खड़ा हो पाता हूं। जब कभी कुर्बानी दी जाती है तो मैं वहां पर नहीं रहता हूं। मैं एक चिड़िया को भी मरते हुए नहीं देख सकता। यह एक कथित तौर पर मजहबी पागलपन है। उनको लगता है कि वह अल्लाह के बहुत करीब है और ऐसा करने से अल्लाह उनको जन्नत दे देगा। लेकिन अगर जन्नत में ऐसे लोग जाएंगे तो फिर अच्छे लोग कहां जाएंगे।”

शायर मुनव्वर राणा ने प्रधानमंत्री मोदी से भी बोलने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना हुई है। प्रधानमंत्री अबू धाबी में है और उनको खुद अपील करनी चाहिए क्योंकि उनकी बात सुनी जाती है। राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री को कहना चाहिए कि हम 2024 में मोहब्बत के वोटों से जीत के आएंगे, नफरत के वोटों से नहीं, बंद करो ये नफरत।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर बताया है कि उदयपुर मामले में यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि घटना प्रथम दृष्टया आतंक फैलाने के उद्देश्य से की गई है। दोनों आरोपियों के दूसरे देशों में भी संपर्क होने की जानकारी सामने आई है। इस घटना में मुकदमा यूएपीए के तहत दर्ज किया गया है, इसलिए अब आगे की जांच एनआईए द्वारा की जाएगी जिसमें राजस्थान एटीएस पूर्ण सहयोग करेगी। पुलिस एवं प्रशासन पूरे राज्य में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करें एवं उपद्रव करने के प्रयासों पर सख्ती से कार्रवाई करें।”

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