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राजस्थान: दलितों ने दी इस्लाम कबूल करने की धमकी, आरोप- सवर्णों ने आई कार्ड से पहचान कर पीटा

दलित समुदाय के ही एक शख्स ने बताया कि हिंडौन सिटी की जाटव बस्ती में भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास भारी तादाद में सवर्ण इकट्ठा हुए और आई कार्ड से पहचान कर मारपीट की।
Author April 5, 2018 12:07 pm
भारत बंद के दौरान विरोध करते प्रदर्शनकारी (पीटीआई फोटो)

दीप मुखर्जी

दलित समाज द्वारा बुलाए गए भारत बंद (2 अप्रैल, 2018) के बाद राजस्थान में सवर्णों पर इस समुदाय से मारपीट करने का आरोप है। दलित समुदाय के ही एक शख्स ने बताया कि हिंडौन सिटी की जाटव बस्ती में भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास भारी तादाद में सवर्ण इकट्ठा हुए और आई कार्ड से पहचान कर मारपीट की। इसपर शख्स ने कहा है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो वो इस्लाम धर्म अपना लेंगे। पीड़ित अश्विनी जाटव ने बताया, “मारपीट करने से पहले उन्होंने हमारा आई कार्ड चेक किया। सभी ऊंची जाति के थे जिन्होंने महिलाओं को भी  नहीं छोड़ा। उनके साथ भी मारपीट की गई।” बता दें कि भारत बंद के बाद भीड़ ने राज्य में दो दलित राजनेताओं के घरों को आग के हवाले कर दिया। भीड़ ने दलित भाजपा विधायक राजकुमारी जाटव और कांग्रेस नेता भरोसी लाल जाटव का घर जला दिया। घटना के वक्त दोनों अपने घर में नहीं थे। दोनों नेताओं के घरों के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हिंडौन में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी गई।

वहीं, अश्विनी का आरोप है कि हमलावरों में अधिकतर लोग हिंदू कट्टरपंथी संगठनों के सदस्य थे। हालांकि, पुलिस ने इससे इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिलता, जिससे यह साबित हो सके कि घटना में कट्टरपंथी संगठन शामिल था। कानून-व्यवस्था के एडीजीपी एनआरके रेड्डी ने कहा, “शुरुआती जांच शुरू कर दी गई है। हम सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रहे हैं।”

दलित समुदाय से आने वाले दो लोगों का आरोप है कि शहर के स्टेशन रोड पर उन्हें बुरी तरह पीटा गया। जाटव समुदाय के अन्य लोगों ने बताया कि इस हिंसा के पीछे असामाजिक तत्व थे। वहीं, भाजपा विधायक राजकुमारी जाटव ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

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