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हंगामेदार होगा राजस्थान विधानसभा का विशेष सत्र, सरकार कई परेशानियों से घिरी

राजस्थान विधानसभा के विशेष सत्र में भाजपा की वसुंधरा सरकार हर मोर्चे पर घिरी रहेगी।
Author जयपुर | August 31, 2016 02:53 am
सीएम वसुधंरा राजे

वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) विधेयक को पास कराने के लिए होने वाले राजस्थान विधानसभा के विशेष सत्र में भाजपा की वसुंधरा सरकार हर मोर्चे पर घिरी रहेगी। विधानसभा का सत्र गुरुवार से शुरू होगा और इसके एक हफ्ते चलने के आसार हैं। हंगामा होने पर सरकार सत्र को खत्म भी कर सकती है।  राज्य विधानसभा के एक सितंबर से होने वाले सत्र में इस बार सरकार परेशानियों से घिरी रहेगी। विधानसभा के विशेष सत्र के लिए सत्ताधारी भाजपा और प्रतिपक्ष कांग्रेस अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं।  सरकार को परेशानी में डालने के लिए इस बार प्रतिपक्ष के पास कई मुद्दे हैं। प्रदेश में पिछले कुछ समय में घटित घटनाओं ने भी सरकार की परेशानियां बढा दी हैं। सरकार ने यह सत्र जीएसटी विधेयक को प्रदेश से पारित कराने के मकसद से एक महीने पहले ही बुलाया है। इस बिल को पास कराने में सरकार को कोई दिक्कत नहीं आएगी। बिल के पास होने के बाद ही सरकार को प्रतिपक्ष के साथ ही अपने कई विधायकों की नाराजगी का सामना करना पडेÞगा। इसमें जयपुर की सरकारी गउशाला में हाल में प्रशासन की लापरवाही के चलते बड़ी संख्या में गायों की मौत का मसला प्रमुख है। इसके साथ ही प्रदेश में सरकारी तंत्र फैले भ्रष्टाचार के मामलों में भी सरकार के मंत्रियों की घेराबंदी प्रतिपक्ष करेगा। इनमें स्वास्थ और जलदाय विभाग के भ्रष्टाचार की सुई अब तो आला स्तर तक पहुंच रही है। इससे इन दोनों विभागों के मंत्रियों को अपने बचाव की रणनीति बनानी पड़ रही है।

सरकार की तरफ से बचाव की जिम्मेदारी संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौड़ को निभानी पड़ेगी। हालांकि स्वास्थ महकमे में पिछले दिनों एनआरएचएम में घूसखोरी का मामला उजागर हुआ था। इस विभाग के मंत्री भी राठौड़ ही हैं। इस मामले में आइएएस अफसर समेत कई आला अधिकारी गिरफ्त में आए थे। इस प्रकरण में राठौड़ पर हमलावर तरीके से प्रतिपक्ष घेराबंदी करने की तैयारी में है। राठौड़ का कहना है कि सरकार की सजगता से ही घूसखोरी पकड़ी गई थी। राठौड़ ने बताया कि भाजपा विधायक दल की बैठक बुधवार को यहां होगी। इसमें मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में रणनीति बनाई जाएगी। सरकार का दावा है कि उसने ढाई साल में कई जनहित के काम किए हैं। प्रतिपक्ष के पास कोई मुद्दा ही नहीं है। भाजपा विधायक दल एकजुट है और प्रतिपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है।

दूसरी तरफ प्रतिपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी का कहना है कि सरकार भ्रष्टाचार से घिरी हुई है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। अपराधों में बेतहाशा बढोतरी हो गई है। एनआरएचएम और जलदाय विभाग की घूसखोरी की आंच सरकार में आला स्तर तक पहुंच रही है। इससे पहले खनिज विभाग की घूसखोरी की निष्पक्ष जांच नहीं होने से अन्य विभागों में भी बुरी तरह से भ्रष्टाचार पनपा हुआ है। गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया पूरी तरह से अपने महकमे को संभालने में नाकाम साबित हुए हैं। पुलिस हिरासत से फरार गैंगस्टर आनंदपाल को एक साल बाद भी नहीं पकड़ना सरकार की नाकामी ही दर्शाता है। डूडी का कहना है कि सरकार सभी मोर्चों पर विफल साबित हुई है। डूडी ने बताया कि प्रतिपक्ष जनहित के मुद्दों पर सरकार से हर मसले पर जवाब मांगेगा। डूडी ने अंदेशा जताया कि सरकार प्रतिपक्ष का सामना करने की जगह विधानसभा का सत्र जल्द खत्म भी कर सकती है।

 

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