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राजस्थान: उधार नहीं चुकाने पर साहूकार को सौंपा अपना बेटा

शिशु को पालन-पोषण के लिए बाल संप्रेषण गृह को सौंप दिया और शिशु का नाम वरदान रख दिया गया। शिशु अभी करीब छह महीने का है।

Author जयपुर | Published on: August 28, 2016 6:07 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर

राजस्थान के टोंक जिले के टोडाराय सिंह थाना इलाके में एक युवक उधार लिए गए बीस हजार रुपए नहीं चुका पाने पर अपने शिशु को कर्ज देने वाले साहूकार के पास छोड़ गया। साहूकार का दिल पसीजा और शिशु को बाल कल्याण समिति न्याय पीठ को सौंप दिया। पीठ ने पालन-पोषण के लिए शिशु को बाल संप्रेषण गृह के हवाले कर दिया। बाल कल्याण समिति न्याय पीठ की अध्यक्ष माया सुवालका ने शनिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि खानाबदोश युवक कालू राम ने बालू राम से बीस हजार रुपए का कर्ज लिया था। तय तिथि पर कर्ज नहीं चुका पाने पर कालू राम और उसकी पत्नी 11 अप्रैल, 2016 को साहूकार बालू राम के यहां पहुंचे और कहा कि हम पैसा नहीं चुका सकते, इसलिए बच्चे को छोड़ कर जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि बालू राम ने कुछ समय तक शिशु को अपने पास रखने के बाद उसी दिन बच्चे को लेकर बाल कल्याण समिति न्याय पीठ के समक्ष उपस्थित होकर घटनाक्रम की जानकारी देते हुए शिशु को पीठ के सुपुर्द कर दिया।

पीठ ने 11 अप्रैल को ही शिशु को पालन-पोषण के लिए बाल संप्रेषण गृह को सौंप दिया और शिशु का नाम वरदान रख दिया गया। शिशु अभी करीब छह महीने का है। शिशु को बेचने के बारे में पुख्ता तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि दंपति शिशु को बेच गया है। दंपति ने यह जरूर कहा कि हम तुम्हारा कर्ज नहीं चुका सकते, इसके बदले शिशु को छोड़ कर जा रहे हैं। असल कारणों का खुलासा शिशु के माता-पिता के सामने आने पर होगा। उन्होंने बताया कि पीठ ने टोंक पुलिस अधीक्षक, संबंधित थाना पुलिस को कई बार शिशु के माता-पिता को खोजने के निर्देश दे चुकी है। लेकिन अब तक उनका सुराग नहीं लगा है। पीठ 3 सितंबर को इस मामले की फिर सुनवाई करेगा।

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