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गायों की मौत पर राजस्थान विस में बरपा हंगामा, विपक्षी सदस्य और सुरक्षाकर्मियों में भिड़ंत

विपक्षी सदस्य हिंगौनिया गौशाला में सैकड़ों गायों की मौत को लेकर सरकार के खिलाफ नारों और गायों को बचाने की मांग की तख्तिया लगाकर सदन में आए थे। प्रतिपक्ष सदस्यों की तख्तियों पर लिखा था- गौमाता हम शर्मिन्दा हैं, तेरे कातिल सत्ता में है।

Author जयपुर | Published on: September 2, 2016 1:48 PM
जयपुर नगर निगम की तरफ से संचालित हिंगोनिया गोशाला। (फाइल फोटो)

सरकारी हिंगोनिया गौशाला में सैकड़ों गायों की मौत पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बयान की मांग को लेकर शुक्रवार (2 सितंबर) को राजस्थान विधानसभा में अभूतपूर्व हंगामा हुआ। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने विपक्षी सदस्यों को उठाकर सदन से निकाला और इस दौरान नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी, अन्य प्रतिपक्षी सदस्यों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हाथापाई भी हुई। पूरे हंगामे के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मौजूद नहीं थीं। हंगामे और हाथापाई के बीच अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने सदन की बैठक एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। हंगामे के कारण प्रश्नकाल ठीक से नहीं चल सका। हंगामा उस समय शुरू हुआ जब गले में तख्तियां लगाए प्रतिपक्षी कांग्रेस, राजपा, बसपा और निर्दलीय सदस्यों ने सरकारी हिंगोनिया गौशाला में सैंकड़ों गायों की मौत पर मुख्यमंत्री के बयान की मांग करते हुए वैल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

सरकारी मुख्य सचेतक कालू लाल गुर्जर, उप सचेतक मदन सिंह राठौड़ और संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने अध्यक्ष से प्रश्नकाल आरंभ करने की मांग करते हुए कहा कि विपक्ष सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए बेवजह हंगामा कर रहा है। पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान भी गायों की मौतें हुई थी। सरकार नियमों के तहत जवाब देने को तैयार है। करीब दस मिनट के हंगामे के बाद अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने उनके आसन के ठीक सामने आकर हंगामा कर रहे प्रतिपक्ष के दो सदस्यों को बाहर निकालने का आदेश दिया। इसपर प्रतिपक्ष सदस्यों की मार्शल और सुरक्षा कर्मियों से हाथापाई हो गई। कुछ देर के प्रयास के बावजूद प्रतिपक्ष सदस्यों को बाहर नहीं निकालने पर अध्यक्ष ने कहा सब को बाहर निकालो, सदन में गुंडागर्दी नहीं होने दूंगा।

अध्यक्ष के आदेश पर मार्शल और सुरक्षाकर्मियों ने प्रतिपक्ष के सदस्यों को बाहर निकालने का प्रयास किया। इस दौरान सत्ता पक्ष के सदस्य भी वैल में अपने तय स्थान के करीब पंहुच गए। अध्यक्ष द्वारा बार-बार हंगामा कर रहे प्रतिपक्षी सदस्यों को बाहर निकालने का आदेश देने पर सुरक्षाकर्मियों ने एक-एक प्रतिपक्ष सदस्य को सदन से बाहर निकाला। सुरक्षाकर्मियों के इस व्यवहार से आक्रोशित नेता प्रतिपक्ष आसन के करीब जाने लगे और इस दौरान उनकी सुरक्षाकर्मियों से काफी देर तक हाथापाई और धक्का मुक्की हुई। अध्यक्ष कैलाश मेघवाल अपने स्थान पर खड़े होकर यह सारा नजारा देखते रहे। अभूतपूर्व हंगामे और सुरक्षाकर्मियों व प्रतिपक्ष के सदस्यों से धक्का मुक्की के बीच अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने सदन की बैठक एक घंटे के लिए स्थगित कर दी।

इस दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सदन में नहीं थीं जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सदन में मौजूद थे। प्रतिपक्ष सदस्य हिंगौनिया गौशाला में सैकड़ों गायों की मौत को लेकर सरकार के खिलाफ नारों और गायों को बचाने की मांग की तख्तिया लगाकर सदन में आए थे। प्रतिपक्ष सदस्यों की तख्तियों पर लिखा था- गौमाता हम शर्मिन्दा हैं, तेरे कातिल सत्ता में है। हमें गौमाताओं को बचाना है। गौमाता की हत्यारी सरकार इस्तीफा दे। सदन की कार्यवाही आरंभ होने से पहले कांग्रेस विधायक एक साथ ज्योति नगर थाने से पैदल चल कर तख्तियां लटकाए हुए विधान सभा पहुंचे थे।

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