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करणी सेना ने दी थी भंसाली जैसा हाल करने की धमकी, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में नहीं आएंगे प्रसून जोशी

करणी सेना की धमकी के बाद सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शिरकत न करने का फैसला किया है। कहा है कि वह नहीं चाहते कि उनके चलते आयोजन में किसी तरह की अशांति हो।

Author नई दिल्ली | January 27, 2018 20:07 pm
प्रसून जोशी( फाइल फोटो)

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में सेंसर बोर्ड के चेयरमैन और चर्चित लेखक प्रसून जोशी शिरकत नहीं करेंगे। उन्होंने यह फैसला करणी सेना की धमकी के बाद किया है। करणी सेना ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आने पर ‘पद्मावत’ फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली जैसा हाल करने की धमकी दी थी। करणी सेना ने विरोध की वजह बताते हुए कहा था कि बतौर सेंसर बोर्ड चीफ जोशी ने ही फिल्म को हरी झंडी दी, इस नाते उन्हें जयपुर लिटरेचर फेस्ट में घुसने नहीं दिया जाएगा। अगर  घुसने की कोशिश करेंगे तो पिटाई होगी।  धमकी मिलने के बाद प्रसून जोशी ने आयोजन में आने का इरादा त्याग दिया।

प्रसून जोशी ने इस बाबत बयान भी जारी किया है। कहा है कि- ‘‘ मैं इस बार जयपुर लिटरेचर फेस्ट में नहीं भाग ले पा रहा हूं। मुझे अफसोस है कि इस साल JLF में साहित्य और कविता प्रेमियों के साथ चर्चा नहीं नहीं कर पाऊंगा, मैने यह फैसला आयोजन की गरिमा के मद्देनजर लिया है। मैं नहीं चाहता कि मेरे कारण साहित्यप्रेमियों, आयोजकों को किसी तरह की कोई परेशानी हो। ‘‘

दूसरे बयान में जोशी ने फिल्म की रिलीज को हरी झंडी देने के बाबत सफाई देते हुए कहा कि ‘‘ तमाम सुझावों के तहत एक प्रक्रिया का पालन करते हुए ही फिल्म को प्रमाणित किया गया। सकारात्मक सोच और सभी की भावनाओं का ख्याल करते हुए संतुलन की भावना रखी गई। ”
बता दें कि करणी सेना के महिपाल मकराना ने कहा था कि जयपुर लिटरेचर फेस्ट में जोशी को नहीं आने देंगे। अगर वे आए तो करणी सेना उऩके साथ वही करेगी, जैसा संजय लीला भंसाली के साथ किया था। इस धमकी के बाद राजस्थान पुलिस ने प्रसून जोशी को सुरक्षा की पूरी गारंटी दी थी। जयपुर पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने कहा था कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर अपराधियों जैसी कार्रवाई होगी। फिर भी प्रसून जोशी ने जयपुर लिटरेचर फेस्ट से दूरी बनाने का फैसला किया। ताकि उनकी मौजूदगी में आयोजन का विवाद से पाला न पड़े।

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