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राजस्थान: पेड़ से बांध कर पुलिसकर्मी की पिटाई

एक अन्य मामले में पुलिस धोखाधड़ी के आरोपी को पकड़ने के लिए सीकर जिले के समोद गांव पहुंची तो लोगों ने उनपर पत्थरबाजी की थी।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

एक केस के सिलसिले में पड़ताल के लिए आरोपी के गांव पहुंची राजस्थान पुलिस संग मारपीट का मामला सामने आया है। दरअसल एक पुलिसकर्मी मोबाइल चोरी के सिलसिले में मालाखेड़ा के समीप एक गांव में पहुंचे थे। जहां भीड़ ने उन्हें पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटा। एक अन्य मामले में पुलिस धोखाधड़ी के आरोपी को पकड़ने के लिए सीकर जिले के समोद गांव पहुंची तो लोगों ने उनपर पत्थरबाजी की थी। जानकारी के मुताबिक अलवर कोतवाली पुलिस स्टेशन के ASI राजवीर सिंह बीते रविवार को केस के सिलसिले में निठारी गांव पहुंचे थे। जहां उन्हें जबरन पेड़ से बांध दिया गया। इसके बाद गांव के निवासियों ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट की। घटना के बाद आरोपी के परिजन घटनास्थल से ASI को बदहवास हालात में छोड़कर फरार हो गए। बाद में गांव के कुछ लोग पुलिसकर्मी की मदद के लिए आगे आए। यह जानकारी बीते सोमवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दी है।

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि ASI राजवीर सिंह ने ड्यूटी के वक्त सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा उत्पन्न करने का मामला दर्ज कराया है। इसके अलावा गांववालों के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया गया है। राजवीर सिंह का अभी अलवर के राजीव गांधी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। उनका एक हाथ टूट गया है कि जबकि सिर में चोटें आई हैं। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ भी एक एफआईआर दर्ज की गई है।

बता दें कि इससे पहले राज्य के ही एक गांव में पुलिस धोखाधड़ी के आरोपियों को पकड़ने गई तो स्थानीय लोगों ने  उनपर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस घटना में एक कांस्टेबल बुरी तरह घाटल हुआ था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम राजपाल, पप्पू, सुरेंद्र और मुरलीधर को पकड़ने गांव में पकड़ने पहुंची थी। इनपर 1.98 लाख रुपए के पशुओं की खरीद के मामले में धोखाधड़ी करने का आरोप था। जिस व्यापारी से ये पशु खरीदे गए उसे भुगतान नहीं किया गया। उल्टा उसे धमकियां दी जाने लगी। पुलिस टीम इसी मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए गांव में पहुंची थी। मगर गांव के लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी।

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