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जयपुर में बनेगा अनोखा अस्पताल, डॉक्टर से पहले मरीज की कुंडली देखेंगे ज्योतिषी

अस्पताल में आने वाले मरीज चिकित्सीय इलाज के दौरान मिलने वाली दवाइयों के साथ - साथ वेदों में उपचार के लिए बताए गए मंत्रों के जाप, वानस्पतिक रसों आदि के सेवन की जानकारी भी अस्पताल में ही हासिल कर सकते हैं। मरीज चाहें तो अपना इलाज वो यहां ज्योतिष विद्या से भी करवा सकते हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर के एक अस्पताल में अब आपका इलाज डॉक्टर के साथ – साथ ज्योतिष शास्त्री भी करेंगे। जब आप यहां इलाज कराने पहुंचेंगे तो एक तरफ डॉक्टर आपका इलाज कर रहे होंगे तो वहीं दूसरी तरफ ज्योतिष शास्त्री आपकी कुंडली देख कर रोग के बारे में पता लगाएंगे। इतना ही नहीं अस्पताल में आने वाले मरीज चिकित्सीय इलाज के दौरान मिलने वाली दवाइयों के साथ – साथ वेदों में उपचार के लिए बताए गए मंत्रों के जाप, वानस्पतिक रसों आदि के सेवन की जानकारी भी अस्पताल में ही हासिल कर सकते हैं। मरीज चाहें तो अपना इलाज वो यहां ज्योतिष विद्या से भी करवा सकते हैं।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल करने वाले पंडित अखिलेश शर्मा जयपुर में ऐसी अस्पताल की परियोजना पर काम कर रहे हैं। उनकी टीम में कुल 22 लोग हैं जिनमें 10 डॉक्टर तथा ज्योतिषी और वेदाचार्य शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक 50 बेडों वाला यह अस्पताल इस साल दिसंबर से पहले बनकर तैयार हो जाएगा। यह टीम ज्योतिष को मेडिकल साइंस से जोड़कर एक पाठ्यक्रम तैयार करने की दिशा में भी प्रयासरत है जिसे फिलहाल ‘एस्ट्रोमेडिकल साइंस’ नाम दिया गया है।

पं. अखिलेश शर्मा बताते हैं कि इस अस्पताल में जो भी मरीज आएगा, हम उसकी कुंडली भी मंगाएंगे और यदि कुंडली नहीं है तो जन्मस्थान, तिथि और जन्म समय के आधार पर कांउटर पर तुरंत उसकी कुंडली तैयार की जाएगी। उधर मरीज संबंधित डॉक्टर के पास जाएगा और उधर यह कुंडली हमारे पास आएगी। डॉक्टर अपनी जांच कराएंगे और हम अपना अध्ययन करेंगे। हम हमारी रिपोर्ट उस डॉक्टर को भेजेंगे और बाद में मरीज की मेडिकल जांच रिपोर्ट से इसका मिलान किया जाएगा।

इसके बाद मरीज का उपचार मेडिकल साइंस के आधार पर ही उपचार शुरू किया जाएगा। इस अनूठे अस्पताल को खोलने का उद्देश्य प्राचीन ज्योतिष विज्ञान को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान से जोड़ना है। इस अस्पताल में न सिर्फ ऐलोपैथी, बल्कि आयुर्वेद और यूनानी डॉक्टर भी मौजूद रहेंगे।

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