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राजस्‍थान: ‘भगवान राम’ ने बीजेपी नेता को कह दिया ‘रावण’, पुतला जलाने से भी किया इनकार

राजस्थान में नगर निमग द्वारा सिरोही टाउन में आयोजित हिंदू उत्सव दशहरा में तब वहां मौजूद हर व्यक्ति हैरान रह गया जब भगवान राम का किरदार निभा रहे शख्स ने रावण का पुतले पर तीर चलाने से इंकार कर दिया।

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राजस्थान में नगर निमग द्वारा सिरोही टाउन में आयोजित हिंदू उत्सव दशहरा में तब वहां मौजूद हर व्यक्ति हैरान रह गया जब भगवान राम का किरदार निभा रहे शख्स ने रावण का पुतले पर तीर चलाने से इंकार कर दिया। इस दौरान राम का किरदार निभा रहे मनोज कुमार माली ने मोदी सरकार पर विकास ना करने का आरोप लगया। माली ने वहां मौजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मंडल अध्यक्ष सुरेश सागरवंशी को दानव राजा तक कह डाला। भगराम का किरदार रहे माली ने कहा, ‘असली रावण तो मंच पर बैठे हैं। हर मुद्दे का राजनीतिकरण करते हैं। इसी परिदृश्य को देखते हुए भगवान राम को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि सुरेश सागरवंशी तुच्छ मुद्दों पर राजनीति करने वाले लोगों में से एक हैं। सिरोही में करीब बीस गरबा कमेटी हैं जो नवरात्रि के दौरान सांस्कृति कार्यक्रम आयोजित करती हैं। उन्होंने कहा कि यहां अन्य कमेटियों को 11,000 रुपए का अनुदान मिलता है लेकिन सागरवंशी 31,000 रुपए वसूलते हैं। जबकि दशहरा उत्सव नगर निगम द्वारा आयोजित किया गया था। बहुत से पार्षद तो इस मौके उपस्थित ही नहीं रहते हैं। ऐसा इसलिए ताकि वो भी बाद में इन मुद्दों पर राजनीति कर सके।

 

खबर के इस दौरान माली अपने करीब 100 सहयोगियों के साथ बिना रावण को जलाए मंच छोड़कर चले गए। इसमें वानर सेना और अन्य कलाकार शामिल थे। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। हालांकि बाद में भाजपा नेता सागरवंशी ने इससे इंकार किया कि कलाकार उनकी वजह से मंच छोड़कर चले गए। गौरतलब है कि इस दौरान वहां मौजूद अन्य लोगों ने जमकर हंगामा किया। सागरवंशी का कहना है कि कमेटी अगले साल से सिविक बॉडी का अनुदान नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि हमने लिखित में संबोधित विभाग को भेज दिया है कि हमें अगले वर्ष से सिविक बॉडी से अनुदान नहीं चाहिए। पूरे कार्यक्रम मे करीब आठ लाख रुपए का खर्च आता है जिसे बिना अनुदान के भी इकट्ठा कर सके हैं। जानकारी के लिए बता दें कि रावण पर बाद में वहां मौजूद एक छोटे बच्चे से तीर चलवाया गया।

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