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नेहरू विवाद: कांग्रेस ने कहा- सरकार किताब को बदल सकती है लेकिन इतिहास नहीं

कांग्रेस ने कहा कि भाजपा इतिहास को बदलने के कुप्रयास को अंजाम देकर पं नेजरू के योगदान को मिटाना चाहती है, जो भाजपा के मानसिक दिवालियेपन को दर्शाता है

Author जयपुर | May 11, 2016 6:38 AM
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष सचिन पायलट। (PTI File Photo)

राजस्थान में शिक्षा पाठ्यक्रम से पूर्व प्रधानमंत्री स्व पं जवाहरलाल नेहरू से सम्बधित विषय हटाये जाने के विरोध में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार (10 मई) को जयपुर में विरोध प्रदर्शन करके पाठ्यक्रम में पं जवाहर लाल नेहरू के योगदान को शामिल करने की मांग की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन्स रेलवे क्रांसिंग पर विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार के निर्णय की निंदा की है।

पायलट ने कहा कि भाजपा का राजनीतिक द्वेष केन्द्र से लेकर राज्यों तक देखने को मिल रहा है। पं नेहरू को शिक्षा के पाठ्यक्रम से हटाए जाने का सीधा मतलब है कि भाजपा शिक्षा का राजनैतिक इस्तेमाल कर युवा मन व मस्तिष्क से भारत के स्वर्णिम इतिहास के साथ ही भारत की प्रगति में वास्तविक योगदान देने वालों की स्मृति को धूमिल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा बच्चे के पाठ्यक्रम से पं नेहरू के नाम को हटाये जाने की जानकारी प्रथम दृष्टया अविश्वसनीय प्रतीत हुई, क्योंकि लोकतंत्र में जनभावना के विपरीत जाकर सरकार इतना हल्का काम कर सकती है, यह सोच से परे है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का नाम बदलकर पहले ही भाजपा सरकार अपनी संकीर्ण सोच का परिचय दे चुकी है, लेकिन भाजपा की नैतिकता के पतन का यह उदाहरण भारत के इतिहास में काले अध्याय के रूप में जाना जाएगा।

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पायलट ने कहा कि पूरे प्रदेश में कांग्रेसजन आन्दोलन का बिगुल फूंक कर भाजपा को इस ओछे निर्णय को वापस लेने के लिये बाध्य करेंगे। उन्होंने कहा कि इतिहास को बदलने व तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने वालों को प्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि स्व पं जवाहरलाल नेहरू को सिर्फ भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप में नहीं वरन विश्व नेता के रूप में जाना जाता है। पं नेहरू ने स्वतंत्र भारत के निर्माण की नींव रखकर एक मजबूत व बुलंद इरादे का भी शिलान्यास किया था, जो आज के आधुनिक भारत की मजबूत आधारशिला है।

उन्होंने कहा कि भाजपा इतिहास को बदलने के कुप्रयास को अंजाम देकर पं नेजरू के योगदान को मिटाना चाहती है, जो भाजपा के मानसिक दिवालियेपन को दर्शाता है, क्योंकि पं नेहरू किताबो में वर्णित शख्सियत से ज्यादा भारत के लोगों के दिलों में राज करते है, वे यग दृष्टा थे, उनका नाम विश्व इतिहास में अमिट है। पं नेहरू भारत की आजादी के ही प्रणेता नहीं थे, वरन् विश्व के अनेकों देशों को गुलामी की जंजीरों से मुक्त करवाने में उन्होंने अपना विशेष योगदान दिया था।

पायलट ने कहा कि पं जवाहरलाल नेहरू ने विदेश नीति व कूटनीति के जिन सिंद्वातों को लागू किया वे आज के भारत की विदेश नीति के मार्गदर्शक है। पंचशील का सिद्वांत देकर पं जवाहरलाल नेहरू ने मानव कल्याण एवं विश्वशांति के आदर्शो की स्थापना की थी। सत्ता के विकेंद्रीकरण को लागू करने के लिये पंचायत राज की स्थापना कर पं जवाहरलाल नेहरू ने सत्ता में जनता की सहभागिता को सुनिश्चित किया।

उन्होंने कहा कि गत वर्ष नई दिल्ली में आयोजित अफ्रीकी देशों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पं जवाहरलाल नेहरू के योगदान को नकारे जाने पर अफ्रीकी देशों के राष्ट्रध्यक्षों ने अचंभित होकर भावना व्यक्त करते हुए कहा कि पं नेहरू के विशेष प्रयासों के फलस्वरूप अफ्रीका के अनेक देश लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्राप्त कर पाए और उन्हें उपनिवेशकालीन दासता से मुक्ति मिली थी।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाडिया ने पं नेहरू के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पं नेहरू ने अपनी विचारधारा से विपरीत भावना रखने वालों को भी मंत्रिमंडल में शामिल कर भारत की बाहुलतावादी संस्कृति को जीवित रखा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष डॉ गिरिजा व्यास ने कहा कि पं नेहरू ने देश हित के लिये जो संघर्ष किया उसे मिटाने का प्रयास देश के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ है।

गर्मी के बावजूद कांग्रेस के कार्यकर्ता सिविल लाइन्स रेलवे क्रासिंग के पास इकट्ठे हुए, जहां स्थानीय नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार के इस निर्णय से उनकी ओछी मानसिकता झलक रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पाठ्यपुस्तक को बदल सकती है लेकिन इतिहास को नहीं बदल सकती।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भारत के वास्तविक इतिहास के साथ छेड़छाड़ का दुस्साह बंद करें तथा पाठ्यक्रम में पुन: पं जवाहरलाल नेहरू के योगदान को शामिल करें।

कांग्रेस प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन करके नेहरू से संबंधित जानकारियां दस दिन के अंदर स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किये जाने संबंधी चेतावनी दी है। पायलट ने कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री स्व पं जवाहर लाल नेहरू से संबंधित जानकारियां दस दिन के अंदर शामिल किया जाये, अन्यथा इसके विरोध में एक अभियान चलाया जायेगा। जयपुर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए पाठ्यक्रम में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरू के योगदान को शामिल करने की मांग की है।

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