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राजस्थान के डूंगरपुर जिले की आबादी 12 लाख और लाभान्वितों की तादाद 14 लाख

वर्मा ने सदन को आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मंशा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ पाने के पात्र हर व्यक्ति को इस योजना का लाभ मिले और उसे इस योजना से जोड़ा जाए।

Author जयपुर | March 28, 2017 2:22 AM
प्रतीकात्मक चित्र

राजस्थान में 12 लाख जनसंख्या वाले डूंगरपुर जिले में सरकार के खाद्य सुरक्षा कानून के तहत 14 लाख लोगों का चयन किया गया है।राजस्थान विधानसभा में नागरिक खाद्य आपूर्ति मंत्री बाबूलाल वर्मा ने सोमवार को कांगे्रस के गोविंद डोटासरा के सवाल के जवाब में यह बात कही। वर्मा ने कहा कि तत्कालीन कांगे्रस सरकार के दौरान लागू हुई राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत डूंगरपुर जिले में 14 लाख से अधिक लोगों के इस योजना में लाभ देने के लिए चयन किया गया जबकि जिले की कुल जनसंख्या करीब 12 लाख थी। राज्यमंत्री के इतना कहते ही सत्तापक्ष के सदस्यों ने विपक्ष की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि यह कमाल किया है आप लोगों ने, इसलिए उस तरफ बैठे हुए हैं।

वर्मा ने सदन को आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मंशा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ पाने के पात्र हर व्यक्ति को इस योजना का लाभ मिले और उसे इस योजना से जोड़ा जाए। कुछ सदस्यों ने सरकार ने इस योजना में लाभार्थी सूची में शामिल होने के लिए आवेदन के निस्तारण के लिए समय सीमा निर्धारण की मांग की। मंत्री की ओर से इस बारे में जवाब नहीं देने पर अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने सरकार को आवेदन के निस्तारण के लिए समय सीमा तय करने के निर्देश दिए जिसे राज्यमंत्री वर्मा ने स्वीकार कर लिया। सदन में प्रदेश के युवा व खेल मामलात और वन मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि बाड़मेर जिले के सिवाना उपखंड मुख्यालय पर स्टेडियम के लिए आबंटित भूमि पर अतिक्रमण होने के कारण स्टेडियम का निर्माण नहीं करवाया जा सका।

उन्होंने प्रश्नकाल में हमीर सिंह भायल के मूल सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सिवाना के पूर्व सरपंच की ओर से स्टेडियम के लिए आबंटित छह बीघा भूमि में से तीन बीघे पर अवैध रूप से कालोनी के पट्टे जारी कर दिए जाने के कारण स्टेडियम का निर्माण नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि विभाग ने जिलाधिकारी को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं क्योंकि यह कार्य विभाग के अधीन नहीं होकर जिला प्रशासन व पंचायती राज विभाग के अधीन है।  कुछ पट्टे निरस्त कर दिए हैं व बाकी के निरस्तीकरण की प्रक्रिया चल रही है।

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