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राजस्थान- उपचुनावों में सरकार का कामकाज कसौटी पर

विधानसभा चुनाव से एक साल पहले होने वाले इन उपचुनावों में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। दूसरी तरफ कांग्रेस इन उपचुनावों में भाजपा को पटकनी देने के लिए दमदार प्रत्याशी मैदान में उतारने की कोशिश में है।

Author जयपुर | January 1, 2018 5:02 AM
राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे

राजस्थान में दो लोकसभा और एक विधानसभा सीट के उपचुनाव वसुंधरा राजे सरकार के कामकाज का आकलन करेंगे। विधानसभा चुनाव से एक साल पहले होने वाले इन उपचुनावों में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। दूसरी तरफ कांग्रेस इन उपचुनावों में भाजपा को पटकनी देने के लिए दमदार प्रत्याशी मैदान में उतारने की कोशिश में है।
राज्य में आगामी 29 जनवरी को होने वाले अजमेर और अलवर लोकसभा सीटों और मांडलगढ़ विधानसभा सीट का उपचुनाव भाजपा और कांग्रेस के बीच रोचक मुकाबले वाला होगा। विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले इन उपचुनावों को प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस अपने लिए सेमीफाइनल मान रहे हैं। उपचुनावों के नतीजे ही दोनों दलों के लिए अगले विधानसभा चुनाव की दशा और दिशा तय करेंगे।

प्रदेश भाजपा ने उपचुनावों के लिए अपने प्रत्याशी चयन का पहला दौर पूरा कर लिया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अशोक परनामी का कहना है कि केंद्रीय संसदीय बोर्ड उम्मीदवारों का एलान करेगा।  प्रदेश संगठन ने स्थानीय विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों की राय से उम्मीदवारों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है। प्रदेश भाजपा ने यहां दो दिन तक उपचुनाव वाले इलाकों के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से राय मशविरा कर प्रत्याशी चयन की कसरत की थी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अलवर संसदीय सीट से प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर जसवंत यादव का नाम तय किया गया है। अजमेर सीट से दिवंगत सांसद सांवर लाल जाट के बेटे रामस्वरूप की दावेदारी मजबूत बनी हुई है। मांडलगढ़ सीट से भीलवाड़ा के जिला प्रमुख शक्ति सिंह के नाम पर प्रदेश संगठन एकराय है। प्रदेश भाजपा का कहना है कि उपचुनावों में वसुंधरा सरकार के जनहित के कामों के आधार पर पार्टी वोट मांगेगी। भाजपा ने पिछले दिनों ही धौलपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव कांग्रेस से भारी अंतर से जीता था। प्रदेश भाजपा का कहना है कि अगले उपचुनाव भी पार्टी धौलपुर माडल पर ही लडेÞगी। भाजपा सरकार के कामकाज को ही आधार बनाया जाएगा।

भाजपा ने धौलपुर में बसपा विधायक बीएल कुशवाहा की पत्नी शोभा देवी को पार्टी में शामिल कर उम्मीदवार बनाया था। धौलपुर में कुशवाहा समाज के वोटों को देख कर उन्हें उम्मीदवारी देकर ही जीत हासिल की गई थी। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उपचुनावों की घोषणा से पहले ही अजमेर, अलवर और माडंलगढ़ क्षेत्रों का सघन दौरा कर सभी समाजों को साधने का काम किया था। दूसरी तरफ कांग्रेस का कहना है कि वसुंधरा सरकार की छवि जनता में पूरी तरह से खराब हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का दावा है कि उपचुनावों में जनता भाजपा को सबक सिखाएगी। कांग्रेस की सभी क्षेत्रों में स्थिति खासी मजबूत है।

 

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