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राजस्थानः गोरक्षा और गो-तस्करी में हिंसक जिला बना अलवर

राजस्थान का अलवर जिला गोरक्षा और गो-तस्करी के मामले में हिंसक जिला बन गया है। हरियाणा की सीमा से सटे मेवात इलाके के इस जिले में गो तस्करी धडल्ले से होती है तो गोरक्षा के नाम पर बने संगठन भी खूब हैं।

Author जयपुर। | August 1, 2018 10:22 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर

राजस्थान का अलवर जिला गोरक्षा और गो-तस्करी के मामले में हिंसक जिला बन गया है। हरियाणा की सीमा से सटे मेवात इलाके के इस जिले में गो तस्करी धडल्ले से होती है तो गोरक्षा के नाम पर बने संगठन भी खूब हैं। अलवर जिले के ललावंडी गावं में हाल में अकबर खान उर्फ रकबर खान की हाल में गो तस्करी के संदेह में पिटाई से हुई मौत के बाद अलवर जिला एक बार फिर बदनाम हो गया। जिले में सवा साल में ही तीन लोगों की भीड़ ने जमकर पिटाई कर मौत की नींद सुला दिया। पहले पहलू खान फिर उमर खान और अब रकबर खान की भीड़ ने पीट पीट कर हत्या कर यह साबित कर दिया कि प्रशासन और पुलिस लोगों को सुरक्षा देने में विफल रहे हैं।

राज्य में अलवर जिले में पड़ोस के प्रदेश हरियाणा के मेव मुसलमान गो-पालन भी करते हैं तो कुछ गो-तस्करी के धंधे में लिप्त है। हरियाणा के नूहं इलाके के लोग ही राजस्थान से गाय ले जाते हैं। इनका रास्ता अलवर जिले से होकर गुजरता है। इस इलाके में गो तस्करी की समस्या बहुत पुरानी है। पिछले कुछ सालों में गोरक्षा दलों के सक्रिय होने से हिंसक घटनाएं ज्यादा बढ़ गई है। इस इलाके में गो-तस्करी रोकने के लिए सरकार ने तीन साल पहले ही अलवर जिले में 22 पुलिस चौकियां सिर्फ गो तस्करी पर लगाम लगाने के लिए स्थापित की थीं। इन पुलिस चौकियों की नाकामी के कारण ही गोरक्षक दलों ने तस्करी करने वालों से निपटने के अपने तरीके अपना लिए। इस चपेट में कई ऐसे निर्दोष लोग गोरक्षा दलों की हिंसा का शिकार बन गए जो असल में गो-पालक हैं और गाय नियमानुसार खरीद कर ही ले जाते हैं। इनमें से पहलू खान तो जयपुर के हटवाडें से गाय खरीद कर ले जा रहा था और उसके पास रसीद भी थी। इसके बावजूद गोरक्षकों की हिंसक भीड़ ने उसे सड़क पर पीटा और उसकी मौत हो गई।

पुलिस में दर्ज आंकड़ों के अनुसार तीन साल में अलवर जिले के अलग-अलग थानों में 354 गो तस्करी के मामले दर्ज हुए। इनमें पुलिस ने कई लोगों को तो मौके पर ही गायों के साथ पकड़ा। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक वर्ष 2015 में 160 प्रकरण दर्ज हुए और इनमें 226 लोगों की गिरफ्तारी हुई। वर्ष 2016 में 117 मामले गो तस्करी के दर्ज कर 248 लोगों की गिरफ्तारी की गई। इसी तरह से 2017 में 94 प्रकरण दर्ज कर 108 लोगों की गिरफतारी की गई। पुलिस ने मई 2018 में 39 प्रकरण दर्ज कर 28 लोगों को गिरफ्तार किया।

अलवर जिले में बढ़ती घटनाओं से इलाके की मेव पंचायत खासी चिंतित है। पंचायत के मुखिया शेर मोहम्मद का कहना है कि उनके समाज के लोग गो पालन करते है। गो-तस्करी करने वालों का साथ पंचायत कभी नहीं देती है। जिले में बने गोरक्षक दल अब सियासी तौर पर उनके वर्ग के लोगों को संदेह के आधार पर ही निशाना बना रहे हैं। इससे समाज में भय की स्थिति बनती जा रही है। प्रदेश में अलवर और भरतपुर जिले के साथ ही पड़ोसी हरियाणा के इलाके में भी मेव समुदाय की बहुलता है। ज्यादातर लोग हरियाणा के मेवात इलाके के हैं और हिंसा का शिकार भी वे ही बन रहे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से ही गो-तस्करी का धंधा हो रहा है। इस पर लगाम लगे तो भीड़ की हिंसा पर भी काबू पाया जा सकता है। इसके साथ ही मेवात के अशिक्षित इलाके में गो तस्करी के कानून को लेकर जागरूकता भी फैलाने की जरूरत है।

अलवर के एसपी राजेंद्र सिंह का कहना है कि जिले में गो-तस्करी के मामले में अब पुलिस पूरी सजगता से काम कर रही है। यह सही है कि हरियाणा के अपराधियों के कारण ही जिले में गो तस्करी जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। इसके बावजूद चाहे कोई अपराधी हो उसे मारने का हक किसी को नहीं है। रकबर खान के मामले की तो उच्च स्तरीय जांच हो ही रही है। साथ में अब गो-तस्करी न हो और भीड़ किसी तरह से किसी को अपनी हिंसा का शिकार नहीं बनाए, इसके पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं। अलवर पुलिस ने गोरक्षक दलों और हिंदूवादी संगठनों व ग्रामीणों को गोरक्षा के मामले में समझाइश के अभियान में भी जुट गई है। सरकार के निर्देश पर हर थाने में गोरक्षकों की सूची भी तैयार करने का काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि गो तस्करी की सूचना फौरन पुलिस को दी जाए।

अलवर में गो-तस्करी के मामले

  • 354 गो- तस्करी के मामले दर्ज हुए तीन साल में अलवर जिले के अलग-अलग थानों में
  • 160 गो- तस्करी के प्रकरण दर्ज हुए साल 2015 में। इनमें 226 लोगों की गिरफ्तारी हुई
  • 117 गो- तस्करी के प्रकरण दर्ज हुए साल 2016 में। इनमें 248 लोगों की गिरफ्तारी हुई
  • 94 गो- तस्करी के प्रकरण दर्ज हुए साल 2017 में। इनमें 108 लोगों की गिरफ्तारी हुई
  • 39 गो- तस्करी के प्रकरण दर्ज हुए साल 2018 में मई तक। इनमें 28 लोगों की गिरफ्तारी हुई

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