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लिंचिंग: रकबर के गांववालों ने की पंचायत, कहा- BJP MLA पर हो मुकदमा, 7 बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाए सरकार

महापंचायत में अन्य मांगों में पीडित के परिजनों को 50 लाख रूपये का मुआवजा, पीडित की पत्नी को सरकारी नौकरी, और मामले की जांच एसआईटी द्वारा कराये जाने की मांग की गई है। पंचायत में तय किया गया कि जांच की नगरानी सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जस्टिस करें। ऑल इंडिया मेवाती समाज के अध्यक्ष रमजान चौधरी ने कहा कि इन मांगों के अलावा सरकार रकबर के सात बच्चों की पढ़ाई का खर्चा भी उठाए

महापंचायत के बाद राजस्थान सरकार से बीजेपी विधायक की गिरफ्तारी की मांग की गई।

राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ थाना क्षेत्र में गत दिनों गौ तस्करी के संदेह में अकबर उर्फ रकबर खान के साथ एक भीड़ द्वारा मारपीट मामले में मेव समाज ने रविवार को भाजपा विधायक ज्ञान देव आहूजा पर मारपीट के षडयंत्र में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है। अलवर के मेव पंचायत नेता शेर मोहम्मद ने कहा कि राजस्थान सीमा से सटे हरियाणा के नूह जिले में पीडित के गांव में आयोजित समाज की महापंचायत में यह मांग उठाई गई है। उन्होंने दावा किया कि विधायक आहूजा ने मॉब लिंचिंग की घटना के बाद भडकाऊ बयान दिये और आरोपियों का समर्थन किया इसलिये उन्हें षडयंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हमने पुलिस से घटनास्थल पर मारपीट के समय मौजूद और पुलिस को सूचना देने वाले नवल किशोर शर्मा को मुख्य आरोपी बनाने की मांग की है। नवल किशोर शर्मा वीएचपी के गौ रक्षा सेल के स्थानीय प्रमुख हैं।

महापंचायत में अन्य मांगों में पीडित के परिजनों को 50 लाख रूपये का मुआवजा, पीडित की पत्नी को सरकारी नौकरी, और मामले की जांच एसआईटी द्वारा कराये जाने की मांग की गई है। पंचायत में तय किया गया कि जांच की नगरानी सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान जस्टिस करें। ऑल इंडिया मेवाती समाज के अध्यक्ष रमजान चौधरी ने कहा कि इन मांगों के अलावा सरकार रकबर के सात बच्चों की पढ़ाई का खर्चा भी उठाए और सभी आरोपी तत्काल गिरफ्तार किया जाएं। रमजान चौधरी ने कहा कि बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 (आपराधिक षड़यंत्र) को लगाया जाए। महापंचायत में यह भी मांग किया गया कि जांच के नाम पर पीड़ित परिवार को परेशान ना किया जाए।

हरियाणा के नूह के कोलगांव में हुई महापंचायत में किसान नेता योगेन्द्र यादव भी शामिल हुए। वहीं दूसरी ओर विधायक आहूजा ने रविवार को अलवर के लालवंडी गांव का दौरा किया। इसी गांव में गत 20-21 जुलाई की रात कुछ लोगों द्वारा अकबर उर्फ रकबर खान के साथ मारपीट को अंजाम दिया गया था।उन्होंने कहा कि घटना के सिलसिले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को रिहा किया जाये क्योंकि पीडित की मौत पुलिस की लापरवाही की वजह से हुई थी। आहूजा ने कहा,‘‘ मैंने गांव का दौरा किया और मंदिर में लोगों के साथ एक बैठक की है। पीडित की मौत पुलिस की लापरवाही की वजह से हुई थी और गिरफ्तार तीन आरोपियों को अब रिहा कर देना चाहिए। मैंने गांव वालों से कहा है कि मैं गिरफ्तार किये गये लोगों के परिजनों की कानूनी लडाई लडने के लिये मदद करूंगा।’’ भाजपा विधायक अलवर के रामगढ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते है, जहां यह घटना घटित हुई थी। जब उनसे मेव पंचायत द्वारा उनकी गिरफ्तारी की मांग के बारे में पूछा गया तो विधायक ने कहा कि उन्हें इसकी परवाह नहीं है। आहूजा ने कहा कि अकबर और असलम गौ तस्कर थे। असलम को भी अब गौ तस्करी में गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा वह पिछले दो माह से अलवर से बाहर थे।

गौरतलब है कि हरियाणा के नूंह जिले के 28 वर्षीय अकबर उर्फ रकबर और उनके दोस्त असलम गत 20-21 जुलाई की रात को अलवर के रामगढ क्षेत्र से दो गायें लेकर जब लालवंडी गांव के जंगल से होकर गुजर रहे थे, उसी दौरान कुछ लोगों के समूह ने गौ तस्करी के संदेह में उनके साथ मारपीट की। असलम बचकर भाग निकला था। पुलिस ने मारपीट में घायल हुए अकबर को लगभग दो से ढाई घंटें की देरी से अस्पताल पहुंचाया जहां उसे 21 जुलाई की अल सुबह मृत लाया गया घोषित कर दिया गया। इस मामले में रामगढ थाने के सहायक उप निरीक्षक मोहन सिंह को निलंबित कर दिया गया और तीन पुलिसर्किमयों को पुलिस लाईन भेज दिया गया। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने भी गत 24 जुलाई को घटना स्थल का दौरा कर मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिये थे।

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

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