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अलवर में मॉब लिंचिंग पर राहुल गांधी बोले तो बरस पड़ीं स्‍मृति ईरानी, गोयल ने बताया ‘नफरत का सौदागर’

राहुल गांधी ने आज (23 जुलाई) को अलवर मॉब लिंचिंग से जुड़ी एक खबर को टैग करते हुए ट्वीट किया था कि अलवर पुलिस ने लिंचिंग में घायल और मरनासन्न रकबर खान को 6 किलोमीटर दूर स्थित अस्पताल पहुंचाने में तीन घंटे लगा दिए, क्यों?

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल।

राजस्थान के अलवर में मॉब लिचिंग मामले में पुलिस करवैये पर जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सवाल उठाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यू इंडिया पर तंज कसा तो केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी और रेल मंत्री पीयूष गोयल राहुल गांधी पर बरस पड़े। पीयूष गोयल ने तो राहुल गांधी को ‘नफरत का सौदागर’ कह डाला। वहीं स्मृति ईरानी ने राहुल के पूरे परिवार को 1984 के सिख दंगों और भागलपुर दंगों का जिम्मेदार ठहराया। स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर नकारात्मक और गिद्ध राजनीति की आड़ में चुनावी फायदे के लिए राजनीति करने का आरोप लगाया।

बता दें कि राहुल गांधी ने आज (23 जुलाई) को अलवर मॉब लिंचिंग से जुड़ी एक खबर को टैग करते हुए ट्वीट किया था कि अलवर पुलिस ने लिंचिंग में घायल और मरनासन्न रकबर खान को 6 किलोमीटर दूर स्थित अस्पताल पहुंचाने में तीन घंटे लगा दिए, क्यों? राहुल ने लिखा कि रास्ते में पुलिस वालों ने चाय भी पी थी। उन्होंने लिखा, “यह पीएम नरेंद्र मोदी के बर्बर न्यू इंडिया है, जहां मानवता की जगह नफरत ने लेली है और उसकी आड़ में मासूमों को दबाया-सताया जा रहा है, उन्हें तड़पते हुए मरने को छोड़ दिया जा रहा है।”

राहुल गांधी की इस प्रतिक्रिया के थोड़ी ही देर बाद पीयूष गोयल ने उन्हें नफरत का सौदागर करार देते हुए ट्वीट किया,  “हर बार जब कोई अपराध होता है तो आनंद से कूदना बंद करो, राहुल गांधी। राज्य ने सख्त और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। आप चुनावी फायदे के लिए अक्सर समाज को विभाजित करते हैं और फिर घड़ियाली आँसू बहाते हैं। बहुत हो चुका। आप नफरत के सौदागर हो।”

बता दें कि राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में पिछले शुक्रवार—शनिवार की रात गो तस्करी के संदेह में मारपीट के शिकार रकबर खान को पुलिस द्वारा अस्पताल पहुंचाने में की गई देरी के आरोपों की जांच के लिए आज उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया गया है। राजस्थान पुलिस के महानिदेशक ओ पी गलहोत्रा ने बताया कि समिति इस आरोप की भी जांच करेगी कि खान की मौत पुलिस द्वारा की गई मारपीट से हुई। पुलिस महानिदेशक गलहोत्रा ने बताया कि चार सदस्यीय दल विशिष्ट पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) एन आर के रेड्डी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी—सीबी) पी के सिंह, पुलिस महानिरीक्षक (जयपुर रेंज) हेमन्त प्रियदर्शी, और राज्य नोडल अधिकारी (गाय सतर्कता) महेन्द्र सिंह चौधरी सब पहलुओं की जांच करेंगे।

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