ताज़ा खबर
 

राजस्‍थान में फर्जी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम से मिलीं 72 लड़कियां

युवतियों ने पूछताछ में बताया कि वे स्वेच्छा से और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिये आश्रम में रह रही हैं।
बाबा वीरेंद्र दीक्षित दिल्ली में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम का संस्थान चलाता था।

राजस्थान में सिरोही जिले के आबू रोड शहर थाना क्षेत्र स्थित वीरेन्द्र देव दीक्षित के आश्रम में कल (6 जनवरी) पुलिस जांच के दौरान 72 युवतियां मिली । पुलिस ने बताया कि आश्रम के प्रबंधक से युवतियों से संबंधित दस्तावेज मांगें गये हैं । हालांकि पुलिस को आश्रम की जांच में किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधयां नहीं नजर आयी । थानाधिकारी मिठ्ठू लाल ने रविवार को बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आश्रम की जांच की गई थी ।आश्रम में 72 युवतियां ठहरी हुई थी। युवतियों से पूछताछ में पता चला कि सभी युवतियां अपने इच्छानुसार वहां रूकी हुई थी और उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि आश्रम के कर्मियों और युवतियों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। युवतियों ने पूछताछ में बताया कि वे स्वेच्छा से और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिये आश्रम में रह रही हैं। उन्हें अपने परिजनों से मिलने दिया जाता है।

बता दें कि 24 दिसंबर को दिल्ली के रोहिणी और द्वारका स्थित बाबा के आश्रम पर पुलिस ने छापा मारा था। इस दौरान पुलिस ने यहां से 40 लड़कियों को रिहा कराया था, बाबा पर आरोप है कि इन लड़कियों को यहां अवैध तरीके से रखा गया था। बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित इस वक्त फरार है। सीबीआई ने 22 दिसंबर को दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद यह मामला अपने हाथ में ले लिया था। न्यायालय ने सीबीआई को दीक्षित की तलाश करने के आदेश दिए थे। सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, “हमने दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए हैं।” एक पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में सीबीआई ने एक टीम का गठन किया है, जो कथित रूप से दीक्षित पर लगे यौन उत्पीड़न व महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को बंधक बनाए जाने की जांच करेगी।बाबा वीरेंद्र दीक्षित के कारनामे का सच पिछले वर्ष दिसंबर में सामने आया, जब उनके आश्रम से करीब कई लड़कियों को छुड़ाया गया। इन सभी को दरवाजे की पीछे बंद रखा गया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App