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जयपुर: 250 कश्मीरी बच्चों को हॉस्टल से निकाला, मुस्लिम परिवारों से मदद मांग रहे पीड़ित

ये छात्र शहर में अपने रहने का खुद इतंजाम कर विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने आ सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

राजस्थान में करीब 250 कश्मीरी छात्रों को हॉस्टल से निकाल दिया गया है और वे अब स्थानीय मुस्लिम परिवारों से मदद मांग रहे हैं। यह मामला जयपुर के सुरेश ज्ञान विहार विश्वविद्यालय का है। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें इसलिए निकाला गया हैं क्योंकि उनके लिए केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली स्कॉलरशिप विश्वविद्यालय को प्राप्त नहीं हुई है। इनमें ज्यादातर छात्र ऐसे हैं जो कि कश्मीर के आतंकवाद ग्रस्त क्षेत्र से आते हैं। मई 2016 में केंद्र सरकार ने केवल 100 छात्रों की ही स्कॉलरशिप दी थी। वहीं 320 छात्र जिनमें 70 लड़कियां है अभी भी अपनी स्कॉलरशिप का इतंजार कर रहे हैं।

फिलहाल लड़कियों को हॉस्टल में रहने की इजाजत दी गई है लेकिन जो छात्र पिछले तीन साल से विश्वविद्यालय में पढाई कर रहे हैं उन्हें 1 अगस्त तक हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए गए है। ये छात्र शहर में अपने रहने का खुद इतंजाम कर विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने आ सकते हैं। छात्रों को पढ़ाई करने आने से मना नहीं किया गया। वे सरकार से अपनी स्कॉलरशिप रिलीज़ करने की मांग कर रहे हैं और वहीं दूसरी तरफ ने अपने रहने के लिए जगह ढूंढते फिर रहे है। एक छात्र ने कहा कि विश्वविद्यालय का दावा है कि जब 2015 से मेरा दाखिला यहां हुआ है तब से सरकार ने स्कॉलरशिप की एक भी कौडी विश्वविद्यालय को नहीं दी है। अगर सरकार के पास फंड को रिलीज़ करने का कोई प्लान ही नहीं होता तो वे स्कॉलरशिप इनाम में क्यों देते हैं?

भावी इंजीनियर सौपोर के रहने वाले 21 वर्षीय तौफीक ने कहा कि मैं इस शहर में अपने खर्चे पर ज्यादा से ज्यादा एक हफ्ता गुजार सकता हूं। वहीं अन्य छात्र नज़ीर ने कहा कि कश्मीरी होने के कारण स्थानीय जगहों पर हमें किराए पर घर लेने में भी दिक्कत आ रही है। इस बारे में जब विश्वविद्यालय के उप कुलपति धर्म बुद्धी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैं इस मामले की बातचीत करने के लिए एचआरडी मंत्रालय और एआईसीटीई गया था क्योंकि सरकार द्वारा दी जाने वाली छात्रों को स्कॉलरशिप हमें 2015 से नहीं दी गई है। मैं इन छात्रों का और ज्यादा दिनों तक खर्चा नहीं उठा सकता हूं। मैं पहले ही अपने विश्वविद्यालय के खाते से 15 करोड़ रुपए इन छात्रों के लिए खर्च कर चुका हूं। आखिर में उन्होंने कहा कि ये छात्र किराए पर कहीं घर लेकर विश्वविद्यालय में अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं लेकिन अब हम उनका हॉस्टल और मेस का खर्चा नहीं उठा पाएंगे।

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