राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बड़ा हादसा हो गया। बुधवार सुबह बाघ के हमले में पार्क में सफाई और रखरखाव का काम कर रही महिला सफाईकर्मी पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ के हमले में महिला सफाईकर्मी की मौत हो गई।

मृतका की पहचान नागल सुसावतान निवासी सुगना देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद उद्यान में हड़कंप मच गया और परिजन व ग्रामीण बड़ी संख्या में मुख्य द्वार पर पहुंच गए। वे मृतका के परिवार को मुआवजा, नौकरी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

बाघ के बाड़े में सफाई कर रही थी महिला

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सुगना देवी नाहरगढ़ जैविक उद्यान के बाड़ा संख्या 16 में सफाई का काम कर रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद बाघ ‘शिवाजी’ ने उन पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद कर्मचारियों के मौके पर पहुंचने तक सुगना देवी की मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में बाड़े के खुले रहने और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन में कथित लापरवाही की आशंका जताई गई है। सामान्य तौर पर बाघ के बाड़े में सफाई या रखरखाव का काम शुरू करने से पहले बाघ को सुरक्षित स्थान पर बंद किया जाता है।

पुलिस कर रही जांच

आमेर थानाधिकारी राजेंद्र गोदारा ने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि महिला बाघ के बाड़े में कैसे पहुंची और उस समय सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि बाड़ा खुला कैसे रह गया और सफाई के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाघ के बाड़े वाले इलाके को तत्काल खाली कराया गया और पार्क की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

मुख्य द्वार पर जमा हुए परिजन और ग्रामीण

महिला सुगना देवी का शव अभी पार्क में ही घटनास्थल पर मौजूद है। हादसे के बाद मृतका के परिजन और स्थानीय ग्रामीण नाहरगढ़ जैविक उद्यान के मुख्य द्वार पर जमा हो गए। परिजनों ने परिवार के लिए उचित मुआवजे के साथ एक सदस्य को नौकरी देने और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि अगर सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।

नाहरगढ़ पार्क की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद नाहरगढ़ जैविक उद्यान की सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीवों के बाड़ों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए तय सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खास तौर पर यह जांच का विषय है कि बाघ के बाड़े में सफाईकर्मी को काम करने की अनुमति किस परिस्थिति में दी गई और उस दौरान बाघ को सुरक्षित स्थान पर रखा गया था या नहीं। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की जिम्मेदारी और लापरवाही की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

युवक पर हमला करने वाला तेंदुआ पकड़ा गया

बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककराहा रेंज में तेंदुए के हमले में एक युवक के जान गंवाने की घटना 24 घंटे के भीतर वन विभाग ने बुधवार तड़के आदमखोर तेंदुए को पिंजरे में बंद कर दिया। प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अपूर्व दीक्षित ने बताया कि मंगलवार तड़के महबूबनगर गांव में 28 वर्षीय रामसिंह पर तेंदुए ने हमला किया था और उसे घर के बाहर से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में ले गया था जहां उसका शव मिला। डीएफओ के अनुसार, घटनास्थल और पीड़ित के आंगन में मिले पगमार्क के वैज्ञानिक विश्लेषण से हमलावर की पहचान एक वयस्क नर तेंदुए के रूप में हुई। इसके आधार पर मंगलवार शाम एक स्थान पर पिंजरा लगाया गया और बुधवार तड़के एक वयस्क नर तेंदुआ उसमें फंस गया। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें