राजस्थान की एक प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत राज्य में बड़ा मुद्दा बनते दिख रही है। कथावाचक की मौत पर आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल ने सवाल उठाए हैं और इस मामले की सीबीआई के जांच की मांग की है।

बुधवार शाम को प्रेम बाईसा को उनके गुरु वीरम नाथ अपने एक अन्य सहयोग के साथ जोधपुर के एक निजी अस्पताल लेकर आए थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वीरमनाथ, प्रेम बाईसा को बोरनादा आश्रम से अस्पताल लेकर पहुंचे थे।

डॉक्टर ने कही ये बात

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निजी अस्पताल के एक डॉक्टर उन्होंने साध्वी को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन साध्वी की शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। डॉक्टर ने बताया साध्वी के गुरु ने उन्हें बताया था, प्रेम बाईसा को तेज बुखार था, जिसके लिए उन्होंने आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाया था। कंपाउंडर ने जैसे ही प्रेम बाईसा को इंजेक्शन दिया, वह बेहोश हो गईं।

डॉक्टर ने आगे कहा कि उन्होंने वीरम नाथ को शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए सरकारी अस्पताल जाने की सलाह दी और अस्पताल के एम्बुलेंस की पेशकश की, लेकिन वीरमनाथ ने उन्हें मना कर दिया और अपनी निजी कार से शव ले गए।

इधर एनडीटीवी से बात करते हुए वीरमनाथ ने कहा, “उन्हें लंबे समये से सर्दी और खांसी थीं, इसलिए हमने आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाया, लेकिन इंजेक्शन लगाने के पांच मिनट में ही वह बेहोश हो गईं।”

पुलिस सूत्रों ने बताया कि कंपाउंडर को हिरासत में ले लिया गया है और उसके सारे मेडिकल इंस्ट्रुमेंट जब्त कर लिए गए हैं।

आरएलपी नेता और सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान पुलिस महानिदेशक को प्रेम बाईसा के संदिग्ध मौत का संज्ञान लेना चाहिए। सांसद ने कहा, “इस मामले में उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए।”

मौत के चार घंटे बाद इंस्टाग्राम पोस्ट

इधर साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के चार घंटे बाद उनके इंस्टाग्राम से एक पोस्ट किया गया, जिसने साध्वी के मौत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखा गया, पूज्य सभी संतों को प्रणाम। मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म से नहीं है।। आज अंतिमश्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है। मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया और अंतिम सांस भी सनातन के लिए ली, मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान , विश्व योग गुरुओं व पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा मैंने आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को लिखित पत्र लिखा अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।”

साध्वी के गुरु वीरम नाथ ने एनडीटीवी से यह पुष्टि की है कि यह पोस्ट साध्वी के मोबाइल से शेयर किए गए हैं। साथ ही यह भी कहा, एक अन्य गुरु महराज ने पोस्ट किया है।” साथ ही उन्होंने भी साध्वी की मौत को लेकर जांच की मांग की।

बता दें कि बुधवार रात मौत की खबर लगते ही जोधपुर में पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठा होने लगे। लोगों को काफी समझाने के बाद मामला शांत हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साध्वी का अंतिम संस्कार शुक्रवार को जास्ती गांव में होगा।

वीरमनाथ पर भक्तों ने उठाए सवाल

दैनिक भास्कर के मुताबिक, भक्तों ने उनके गुरु और कथित पिता वीरमनाथ पर भी साध्वी की मौत को लेकर सवाल उठाए हैं। एक भक्त ने कहा कि रात 09.30 बजे वह (वीरमनाथ) आरती नगर स्थित साध्वी के आश्रम पहुंचे, जहां साध्वी के गुरु वीरम शव को लेकर बाहर खड़े थे। शव को अंदर ले जाने से मना करने लगे थे, इतना ही नहीं साध्वी के फोन को भी पुलिस को देने से मना कर रहे थे। हालांकि एसीपी छवि शर्मा ने उनके मोबाइल को अफने कब्जे में लिया।

एक भक्त ने दावा किया कि साध्वी का शव जब पोस्टमार्टम हाउस ले जाने लगे तो वीरमनाथ अपने निजी कार से उतरकर भागने की कोशिश करने लगे। बाद में एसीपी ने उन्हें समझाया और फिर एसीपी छवि शर्मा के साथ निजी गाड़ी में शव लेकर मॉर्च्युरी के लिए रवाना हुए।

जानकारी दे दें कि साध्वी प्रेम बाईसा और वीरम नाथ का एक वीडियो कुछ महीने पहले वायरल हुआ था, जिसमें दोनों आपत्तिजनक तरीके से गले लगते नजर आए थे। इस वीडियो के बाद वीरमनाथ ने कहा कि साध्वी उनकी पुत्री हैं और लाड़-दुलार कर रहे थे।

साध्वी के मौत पर क्या उठ रहे सवाल

  • साध्वी की मौत के बाद वीरमनाथ ने एंबुलेंस से सरकार अस्पताल जाने के क्यों मना किया, खुद ही अपने निजी कार से पोस्टमार्टम हाउस की जगह आश्रम क्यों ले गए?
  • मामले में खुद रिपोर्ट करने और शव का पोस्टमार्टम कराने से मना क्यों किया?
  • जब साध्वी कई दिनों से बीमार थीं,तो आश्रम में कंपाउंडर क्यों बुलाया सीधे हॉस्पिटल क्यों नहीं ले गए। साथ ही दावा करते हुए कहा कि इंजेक्शन की वजह से साध्वी की मौत हुई, पर इंजेक्शन लगाने वाले के खिलाफ शिकायत नहीं क्यों नहीं कराई?
  • साध्वी की मौत के चार घंटे बाद पोस्ट किसने की और उसमें न्याय की मांग की गई, साथ ही आत्महत्या की ओर इशारा किया गया। सवाल है कि यह पोस्ट किसने और क्यों की? आगे पढ़िए जेल में हुआ प्यार अब करेंगे शादी, कमाल है उम्रकैद की सजा काट रहे प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद की लवस्टोरी