राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने राज्य में हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों के दौरान क्रॉस-वोटिंग और दूसरी गड़बड़ियों की शिकायतों की जांच के लिए 9 सदस्यों वाली एक कमेटी बनाई है। पूर्व विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी की अगुवाई वाली इस कमेटी को सात दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस उन पार्षदों के खिलाफ डिसिप्लिनरी एक्शन लेने की तैयारी कर रही है, जो पार्टी के सिंबल पर जीते थे, लेकिन 309 शहरी लोकल बॉडीज़ में हुए मेयर और चेयरमैन चुनावों में BJP उम्मीदवारों को वोट दिया था।
पार्टी नेताओं ने कहा कि अलग-अलग जिलों से क्रॉस-वोटिंग के शक वाले पार्षदों की पहचान करने वाली रिपोर्ट तैयार की गई हैं। खबर है कि 400 से ज़्यादा कांग्रेस पार्षद जांच के दायरे में हैं। हालांकि डिसिप्लिनरी एक्शन का सामना करने वाले सही पार्षदों की संख्या जांच के बाद तय की जाएगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बनाई कमेटी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कमेटी बनाई है जिसमें राम सिंह कस्वां, मुरारी लाल मीणा, कुलदीप इंदौरा, प्रमोद जैन भाया, शकुंतला रावत, हकीम अली, गणेश घोघरा और रघुवीर सिंह राठौर सदस्य हैं। पैनल राज्य कांग्रेस को भीलवाड़ा, पाली और भरतपुर समेत कई नगर निगमों से मिली शिकायतों की जांच करेगा और अपने नतीजों के साथ अपनी टिप्पणियां PCC चीफ को सौंपेगा।
यह मामला कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक भी पहुंच गया है, जहां पार्टी लीडरशिप ने बीकानेर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और पाली समेत कई नगर निगमों में क्रॉस-वोटिंग और बगावत पर चिंता जताई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक गोविंद डोटासरा को दिल्ली बुलाया गया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया।
पार्टी भीलवाड़ा की स्थिति को लेकर भी सवालों का सामना कर रही है, जहां कथित तौर पर 17 कांग्रेस उम्मीदवारों को जयपुर से जारी होने के बाद समय पर उनके सिंबल नहीं मिले। यह घटना दो कांग्रेस नेताओं, धीरज गुर्जर और रामलाल जाट के बीच मतभेद के बाद हुई, जिन्होंने गोबिंद सिंह डोटासरा का विरोध किया था।
भीलवाड़ा मामले पर भी चर्चा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भीलवाड़ा मामले को राज्य यूनिट के बजाय दिल्ली में पार्टी देख सकती है। कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल समेत पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने इस घटना पर ध्यान दिया है। क्रॉस-वोटिंग पर डिसिप्लिनरी एक्शन CP जोशी की लीडरशिप वाली कमेटी के अपनी रिपोर्ट सबमिट करने के बाद लिया जा सकता है। जांच में PCC को मिली शिकायतों की जांच की जाएगी और पार्टी के काउंसलर के खिलाफ सस्पेंशन या दूसरी कार्रवाई करने से पहले फैक्ट्स का पता लगाया जाएगा।
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देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच चुनाव आयोग ने उन 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ‘विशेष अभियान’ चलाने का निर्देश दिया है जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसका मकसद मतदाता सूची में छूट गए लोगों के नाम जोड़ना है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
