Rajasthan News: ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध की वजह से पश्चिम एशिया संकट वैश्विक अस्थिरता का केंद्र बन गया है। इसके चलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से साल भर तक एहतियात बरतने की अपील की थी। इसके चलते ही राजस्थान की भजनलाल सरकार ने संसाधनों के कुशल प्रबंधन और वित्तीय अनुशासन के लिए उपायों की घोषणा की और सरकारी विभागों के लिए नए दिशानर्देश जारी किए है। इसमें ये कहा गया कि कोई भी सरकारी विभाग का अधिकारी सरकारी खर्चे पर विदेश यात्रा नहीं करेगा।
इतना ही नहीं, राजस्थान सरकार ने चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने, कार-पूलिंग को प्राथमिकता देने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या सीमित कर दी और अन्य मंत्रियों समेत अधिकारियों से भी ऐसा ही करने की अपील की है।
काफिला छोटा करने की अपील
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हवाले से राजस्थान के वित्त विभाग द्वारा जारी परिपत्र में निगमों, आयोगों और अन्य निकायों के मंत्रियों और अधिकारियों से यह कहा गया है कि वे भी अपने काफिले के लिए केवल न्यूनतम आवश्यक वाहनों का ही उपयोग करें, जिससे ईंधन और अन्य संसाधनों की ज्यादा-से-ज्यादा बचत हो सके।
EV को प्रोत्साहन
इसके अलावा सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को चरणबद्ध तरीके से सभी पेट्रोल/डीजल सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पहले चरण में उन अधिकारियों के लिए खरीदे गए नए वाहन ई-वाहन होंगे जिनका सामान्य कार्य शहर के भीतर होता है।
इसके अलावा संविदा आधार पर किराए पर लिए गए वाहनों के लिए भी चरणबद्ध तरीके से ई-वाहनों के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने विभागों को राज्य में ई-वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है और आश्वासन दिया है कि सभी लंबित प्रस्तावों को नियमों के अनुसार तुरंत मंजूरी दी जाएगी।
कार पूलिंग को प्राथमिकता
राजस्थान सरकार ने एक ही गंतव्य की ओर यात्रा करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से ये भी अपील की है कि वे अपने सरकारी/अनुबंधित/निजी वाहनों में कार-पूलिंग की व्यवस्था को प्राथमिकता दें, जिससे ईंधन के संरक्षण में योगदान दिया जा सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल कामकाज की बढ़ावा
वित्त विभाग द्वारा जारी प्रपत्र में सरकारी कार्यक्रमों के संबंध में भी निर्देश दिया है कि बैठकें यथासंभव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जानी चाहिए। सरकारी पत्राचार में भौतिक फाइलों का बड़ा हिस्सा होने के कारण राज्य ने यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि विभिन्न कार्यालयों के बीच ई-ऑफिस और ई-फाइलों का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा सरकारी नौकरशाहों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे भौतिक पत्राचार के बजाय राज्य सरकार के राजकाज पोर्टल को प्राथमिकता दें। कई कर्मचारी अभी भी इस प्रणाली से अपरिचित हैं, इसलिए विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे भौतिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बजाय जहां भी संभव हो, ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रदान करें।
ऊर्जा विभाग को भी खास निर्देश
इसके अलावा ऊर्जा विभाग को घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए पीएम सूर्यघर योजना के तहत घरेलू सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है, जबकि कृषि विभाग को प्राकृतिक, जैविक और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने, एग्री-स्टैक पंजीकरण को प्रोत्साहित करने, गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए यूरिया के उपयोग को कम करने और उर्वरकों के उचित उपयोग को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
‘मुख्यमंत्री का गृह विभाग पर ध्यान नहीं’, जयपुर में युवती के साथ छेड़छाड़ की घटना पर बोले अशोक गहलोत
राजस्थान की राजधानी जयपुर से शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां पर एक बाइक पर सवार युवती के साथ दो युवक छेड़छाड़ करते हुए सीसीटीवी में कैद हुए हैं। इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था ठीक नहीं है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि प्रदेश को ऐसा गृहमंत्री चाहिए जो केवल इसी विभाग पर ध्यान दे। पढ़िए पूरी खबर…
