राजस्थानः वाट्सऐप पर 30 मिनट में लीक हो गया था नीट का पेपर, 35 लाख की डील में एक लड़की समेत 8 अरेस्ट

झुंझुनू के खेतड़ीनगर थाना इलाके में पुलिस ने एक मकान में दबिश देकर करीब दो दर्जन विद्यार्थियों के दस्तावेजों के साथ खाली चैक और स्टांप बरामद किए हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि कर्मचारी चयन भर्ती बोर्ड की कनिष्ठ अभियंता सीधी भर्ती परीक्षा 2020 में पास कराने के लिए एक व्यक्ति युवाओं को और उनके परिजनों को झांसा दे रहा है।

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भाजपा सांसद ने नीट/जेईई की परीक्षा कराने को लेकर सरकार को चेताया है।

रविवार को आयोजित नीट परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली हुई। एग्जाम शुरू होने के 30 मिनट बाद ही नीट का पेपर वाट्सऐप पर लीक हो गया था। 35 लाख रुपये में सारी डील हुई थी। पुलिस ने फिलहाल 8 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है। इनमें एक लड़की धनेश्वरी यादव भी शामिल है। धनेश्वरी बेहद प्रतिभाशाली छात्रा रही है। उसके पिता सेना को सामान उपलब्ध करवाने का काम करते है। जबकि विवेचना के लिए अन्य सात को 20 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

अरेस्ट किए गए लोगों में मुकेश कुमार, रामसिंह, धनेश्वरी यादव, सुनील कुमार यादव, नवरतन स्वामी, अनिल कुमार यादव, संदीप और पंकज यादव शामिल हैं। डीसीपी वेस्ट ऋचा तोमर के मुताबिक पुलिस को पेपर लीक होने की सूचना एग्जाम शुरू होने से कुछ देर पहले ही मिली थी। जयपुर जिले के भांकरोटा स्थित राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजिनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी (RIET) इसका केंद्र था।

पुलिस की टीमें जब RIET कॉलेज के परीक्षा केन्द्र के कमरा नंबर 35 में पहुंची तो हालात संदेह भरे थे। इनविजीलेटर रामसिंह से पूछताछ की गई तो सारे मामले का पटाक्षेप हो गया। उसने बताया कि नवरतन स्वामी निवासी सीकर उसका परिचित है। वह बानसूर में राईफल डिफेंस एकेडमी के नाम से कोचिंग इन्स्टीट्यूट चलाता है। वह अनिल यादव का दोस्त है। अनिल यादव की निवारू रोड पर ई-मित्र की दुकान हैं। अनिल यादव की दुकान के पास उसके परिचित सुनील कुमार यादव का मकान है। उसकी भतीजी धनेश्वरी यादव का नीट परीक्षा केन्द्र RIET में आया था। इनविजीलेटर रामसिंह और नवरत्न स्वामी के बीच 35 लाख रुपये में सौदा हुआ था।

रामसिंह ने अपने मोबाइल से धनेश्वरी यादव के प्रश्नपत्र का मोबाइल से फोटो खींचकर अपने मित्र पंकज यादव को हल करने के लिए भेजा। वह चित्रकूट में स्वास्तिक अपार्टमेंट में मौजूद था। वाट्सऐप पर भेजी गई पेपर की फोटो साफ नहीं थी तो रामसिंह ने कॉलेज के प्रशासक मुकेश सामोता के मोबाइल से दोबारा इस पेपर को भेजा। पंकज यादव और संदीप नाम के व्यक्ति ने इस पेपर को सीकर भेजकर हल करवाया। उसे पूरी आंसर की के साथ करीब साढ़े चार बजे वापस भेज दिया। रामसिंह और समोता ने इस आंसर की हार्ड कॉपी कैंडीडेट धनेश्वरी यादव को उपलब्ध करवाई। धनेश्वरी का चाचा सुनील एग्जाम सेंटर के बाहर ही 10 लाख रुपये लेकर खड़ा था।

इंजीनियर भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के दस्तावेज बरामद

झुंझुनू के खेतड़ीनगर थाना इलाके में पुलिस ने एक मकान में दबिश देकर करीब दो दर्जन विद्यार्थियों के दस्तावेजों के साथ खाली चैक और स्टांप बरामद किए हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि कर्मचारी चयन भर्ती बोर्ड की कनिष्ठ अभियंता सीधी भर्ती परीक्षा 2020 में पास कराने के लिए एक व्यक्ति युवाओं को और उनके परिजनों को झांसा दे रहा है। पुलिस ने मकान का ताला तोड़कर सर्च किया तो वहां से 23 छात्रों के दस्तावेज, हस्ताक्षर किए हुए खाली चैक और हस्ताक्षर किए हुए खाली स्टांप मिले है। पुलिस ने एक लैपटॉप भी जब्त किया गया है। पुलिस ने उत्तम के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। इंजीनियर भर्ती परीक्षा चार सितंबर से शुरू हुई थी। अब इस मामले की परतें उत्तम के पकड़े जाने के बाद ही खुलेगी। जिन छात्रों के दस्तावेज मिले है, उनके परिजनों से और उनसे भी संपर्क साधने की कोशिश कर रही है।

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