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शादीशुदा शख्‍स से हो गया प्‍यार, हाई कोर्ट ने महिला को दी साथ रहने की इजाजत

राजस्थान हाईकोर्ट में एक महिला को उसके घरवालों की तरफ से बंधक बनाने का मामला सामने आया। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने महिला को उसके शादीशुदा प्रेमी के साथ रहने की अनुमति दे दी।

Rajasthan, High Court, lover, married, women, Rupal Soni, Moinuddin Abbasi, Court, bench, nari niketanयाचिककर्ता अब्बासी ने महिला के घरवाले पर उसे (महिला को) बंधक बनाने का आरोप लगाया था। (फोटोः इंडियन एक्सप्रेस)

राजस्थान में एक महिला को शादीशुदा आदमी से प्यार का मामला सामने आया है। मामला कोर्ट तक पहुंचने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार को 26 साल की इस महिला को उस शादीशुदा व्यक्ति के साथ रहने की अनुमति दे दी जिससे वह प्यार करती है।

अदालत ने यह फैसला उस व्यक्ति की याचिका पर सुनाया जिसमें उसने महिला के परिवार वालों पर उसे (महिला को) बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया था। जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने बंदी प्रत्यक्षीकरण के तहत याचिकाकर्ता मोइनुद्दीन अब्बासी की याचिका पर सुनवाई की।

याचिका में अब्बासी ने कहा था कि उसने 23 जुलाई 2018 को रुपल सोनी के साथ शादी की थी। यह शादी अबू रोड स्थित मैरिज रजिस्ट्रेशन अधिकारी के पास पंजीकृत है। उसने आरोप लगाया कि महिला के घर वाले ने उसको बंधक बनाकर रखा है।

इस पर अदालत ने पुलिस को आदेश दिया कि वह महिला को अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। 13 मार्च को हुई पिछली सुनवाई के दौरान महिला को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था। इस दौरान कई हैरान करने वाले तथ्य सामने आए।

कोर्ट को यह बताया गया कि याचिकाकर्ता पहले से ही शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। इसके बावजूद उसने दूसरे धर्म की लड़की सोनी के साथ शादी की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने महिला को उदयपुर के गवर्नमेंट होम भेजने का आदेश दिया था। सोमवार को हुई सुनवाई में महिला को दुबारा कोर्ट में पेश किया गया।

पीठ ने कहा, ‘हमने महिला को नारी निकेतन भेजा था जिससे कि आगे की कार्रवाई करने से पहले महिला को समय दिया जा सके। कोर्ट की तरफ से पूछे जाने पर महिला ने याचिकाकर्ता के शादीशुदा होने के बावजूद उसके साथ ही रहने पर जोर दिया। अदालत ने कहा कहा कि लड़की बालिग है, मैच्योर है और सही गलत का निर्णय लेने में सक्षम है।’

अदालत ने कहा कि मामले के संबंध में हम रूपल सोनी को निर्देश देते हैं कि उसे कथित रूप से बंधक बनाए जाने के बाद से वह आजाद है। वह जहां चाहे जा सकती है। उसे नारी निकेतन पहुंचने तक पर्याप्त सुविधा मुहैया कराई जाएगी, जहां से वह अपना सामान ले सके। इस दौरान अदालत में याचिकाकर्ता, रूपल सोनी और उसके माता-पिताके साथ ही उसका भाई भी कोर्ट रूम में मौजूद था।

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