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राजस्थान में बड़ी टूट: सचिन पायलट की छुट्टी के बाद टोंक में 59 कांग्रेस पदाधिकारियों का इस्तीफा, पाली में भी जिलाध्यक्ष ने दिया त्यागपत्र

वहीं, नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यू पूनियां ने भी इस बाबत त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल के करीब 400—500 पदाधिकारियों ने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया है।

Sachin Pilot, Ashok Gehlot, Congressकांग्रेस ने 14 जुलाई को सचिन पायलट को राजस्थान के डिप्टी CM के साथ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पद से हटा दिया। (फोटोः एजेंसी)

राजस्थान में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के खिलाफ कांग्रेस के ऐक्शन के बाद टोंक में कांग्रेस के 59 ऑफिस बियररर्स ने पायलट के खिलाफ कार्रवाई को लेकर इस्तीफा दे दिया है। वहीं, नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यू पूनियां ने भी इस बाबत त्यागपत्र दे दिया है।

पूनियां ने कहा, ‘सचिन पायलट के समर्थन में मैंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्हें यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद से भी हटा दिया गया है।’ उन्होंने ट्वीट में कहा कि ‘मैंने पिछले छह साल प्रदेश के युवाओं की आवाज़ सचिन पायलट के साथ काम किया है और मरते दम तक सचिन पायलट के साथ रहूंगा और उनके नेतृत्व में ही काम करूंगा अंतः मैं एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देता हूं।’

उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान के जाट बिशनोई परिवार के मुखियाओं को जेल भेजने का काम किया हम उस मुंख्यमंत्री के साथ काम नहीं कर सकते, हमारा ईमान भी ज़िंदा है, जमीर भी ज़िंदा है। उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल के करीब 400—500 पदाधिकारियों ने अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया है।

इसी बीच, पाली के जिला कांग्रेस अध्यक्ष चुन्नीलाल चाडवास ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा है कि पीसीसी चीफ पद से पायलट को गैर-लोकतांत्रिक तरीके से हटाए जाने को लेकर वह आहत हुए हैं।

ऐक्शन पर क्या बोले पायलट?: हालांकि, सीएम गहलोत सरकार के खिलाफ बगावती रुख अपनाने वाले पायलट ने राज्य में राजनीतिक घटनाक्रम पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए मंगलवार को ट्वीट किया, ‘‘सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं।’’ वहीं, अगले टवीट में उन्होंने समर्थकों को शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा, “आज जो लोग भी मेरे साथ खड़े हुए, मैं उनका तहेदिल से शुक्रिया और आभार प्रकट करता हूं। राम-राम सा।”

‘कांग्रेस ने एक प्रभावशाली नेता को खो दिया’: सचिन पायलट की छुट्टी पर पूर्व सांसद प्रिया दत्त ने मंगलवार को कहा कि यह ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ है कि पार्टी ने संभावनाओं से भरे दो बड़े युवा नेताओं ज्योतिरादित्य सिंधिया और पायलट को खो दिया। मुंबई की पूर्व सांसद ने ट्वीट किया, ‘‘एक और दोस्त ने पार्टी छोड़ दी। सचिन और ज्योतिरादित्य दोनों सहकर्मी थे और अच्छे दोस्त हैं। दुर्भाग्य से हमारी पार्टी ने संभावनाओं से भरे दो बड़े युवा नेताओं को खो दिया। मैं नहीं मानती कि महत्वाकांक्षी होना गलत बात है। उन्होंने मुश्किल समय में बहुत मेहनत से काम किया था।’’

राजस्थान में जो हुआ, उसे अधिकतर कांग्रेसियों ने बताया- दुखदः राजस्थान के उप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से सचिन पायलट को हटाए जाने को लेकर अधिकतर कांग्रेस के नेताओं ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘दुखद’ करार दिया। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि पायलट संवैधानिक पद पर थे और हो सकता है कि उनके कुछ कदम पद के अनुरूप नहीं रहे हों।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह घटनाक्रम न सिर्फ कांग्रेस के लिए निराशाजनक है, बल्कि पार्टी के उन कार्यकर्ताओं के लिए भी है जो जमीन पर काम करते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘‘यह घटनाक्रम दुखद है। मैं आरोप-प्रत्यारोप की बातों में नहीं पड़ना चाहता। मैं उम्मीद करता हूं कि हम इस सब चीजों के बजाय मिलकर चुनौतियों से लड़ेंगे।’’ वहीं, पार्टी नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि जो हुआ वो दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन पायलट करे भी धैर्य रखना चाहिए था और जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी।

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