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गहलोत सरकार ने पलटा वसुंधरा का एक और फैसला, राजस्थान में नहीं मनेगा मातृ-पितृ पूजन दिवस, BJP बोली- शर्मनाक

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने पूर्व की बीजेपी सरकार के एक और फैसले को पलट दिया है। इस फैसले के मुताबिक अब वेलेंटाइन-डे को मातृ- पितृ पूजन दिवस के रूप में नहीं मनाया जाएगा।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा फोटो सोर्स- ट्विटर/ANI

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने पूर्व की बीजेपी सरकार के एक और फैसले को पलट दिया है। इस फैसले के मुताबिक अब वेलेंटाइन-डे को मातृ- पितृ पूजन दिवस के रूप में नहीं मनाया जाएगा। राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि हमारे यहां माता-पिता का स्थान सबसे ऊपर है इसलिए इस दिवस को एक दिन मनाना भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। बता दें कि पूर्व की वसुंधरा राजे सरकार ने 14 फरवरी, जिसे वेलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाता है, को मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था।

बता दें कि राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार बनने के बाद कई पुरानी योजनाओं के नाम बदले गए। इस क्रम में राज्य के शिक्षा गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि वेलेंटाइन-डे पर मातृ- पितृ पूजन दिवस नहीं मनाया जाएगा, क्योंकि हमारी संस्कृति में माता-पिता की पूजा हर दिन की जाती है। ऐसे में कोई एक दिन इसके लिए तय करना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। डोटासरा ने इसे पूर्व की बीजेपी सरकार का दिखावा बताते हुए कहा कि उनकी सरकार में कोई दिखावा नहीं किया जाता हैं।

पूर्व शिक्षामंत्री ने जताया विरोध- इसके बाद पूर्व शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी ने गहलोत सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने पाश्चात्य संस्कृति को बढ़ावा देने वाले वेलेंटाइन-डे की जगह स्कूलों में मातृ-पितृ पूजन का आयोजन करने की योजना बनाई थी। लेकिन नई सरकार को यह पसंद नहीं आया। उन्होंने कहा, ‘शर्मनाक..कांग्रेस को नैतिक संस्कार एवं राष्ट्रीयता से ही परेशानी है, बच्चों में नैतिक संस्कार के लिए शुरू किया गया था मातृ-पितृ पूजन दिवस, राजस्थान सरकार ने लगाई रोक।

गौरतलब है कि राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के आने बाद से ही पूर्व की वसुंधरा राजे सरकार के समय में शुरू किए गए कार्यक्रमों की समीक्षा की जा रही है। इसके तहत पिछली सरकार की ओर से शिक्षा विभाग मे लिए गए मातृ-पितृ पूजन दिवस के फैसले पर रोक लगा दी गई है। बता दें कि हाल ही में शिक्षा मंत्री ने कहा था कि पूर्व सरकार की ओर से ‘दुर्भावना से’ किए गए फैसलों की समीक्षा होगी। साथ ही वसुंधरा सरकार के दौरान किताबों में हुए बदलाव की समीक्षा करने की बात भी की गई थी।

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