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राहुल-सोनिया खेमे को है भनक- बीजेपी के संपर्क में हैं सचिन पायलट, सरकार बचाने के लिए कांग्रेस ने बनाया है यह प्‍लान

राजस्थान में अपनी सरकार को बचाए रखने के लिए सीएम अशोक गहलोत को 101 विधायकों के समर्थन की जरुरत होगी। राज्य में 200 विधानसभा सीटें हैं, मगर पायलट खेमे का कहना है कि करीब तीस विधायक उनके साथ हैं।

Author Translated By Ikram नई दिल्ली | Updated: July 14, 2020 8:13 AM
Rajasthan government crisisराजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और साथ में हैं पार्टी से नाराज चल रहे सचिन पायलट। (File Photo/Twitter/Rahul Gandhi)

राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस में उठे सियासी बवंडर के बीच पार्टी ने मंगलवार यानी आज फिर से विधायक दल की बैठक बुलाई है जिसमें उसे उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, पायलट के करीबी सूत्रों का कहना है कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ अपने बागी रुख पर कायम हैं। वैसे, कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व पायलट को मनाने की कोशिशों के तहत उनके संपर्क में है।

मानेसर के फाइव स्टार होटल में ठहरे सचिन पायलट खेमे के विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि हम सभी सचिन पायलट की वजह से चुनाव जीते हैं और हम किसी भी तरह की कार्रवाई के लिए तैयार हैं। पूछने पर कि क्या भाजपा में शामिल होने पर वो पायलट का साथ देंगे, उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं है। जहां भी उन्हें हमारी जरुरत होगी हम जाएंगे। हमारी मांग है कि सचिन जी को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया जाए। हम उन्हीं की वजह से जीते हैं। युवाओं ने उनकी वजह से हमें वोट दिया है।

इधर कुछ सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व इस समस्या के समाधान में जुटा है। इसमें एक मंत्रिमंडल में फेरबदल कर सचिन पायलट और उनके वफादार विधायकों को अधिक वजनदार पोर्टफोलियो देना और विवादस्पाद एफआईआर और पुलिस नोटिस वापस लेना शामिल है। सचिन पायलट वर्तमान में चार मंत्रालयों के प्रभारी हैं। इनमें लोक निर्माण, ग्रामीण विकास; पंचायती राज और विज्ञान प्रौद्योगिकी और सांख्यिकी विभाग शामिल हैं।

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पायलट अभी तक मीडिया की चकाचौंध से दूर हैं और उन्होंने सोमवार को कोई बयान जारी नहीं किया। रविवार को उन्होंने कहा था कि वह भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं। लेकिन कम से कम दो वरिष्ठ नेताओं (एक राहुल गांधी के करीबी सहयोगी और एक और पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी के करीबी) ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उन्हें जानकारी थी कि पायलट भाजपा के साथ संपर्क में हैं।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि गहलोत खेमे ने 109 विधायकों के समर्थन के हस्ताक्षर हासिल किए हैं। इनमें कांग्रेस, निर्दलीय और कुछ छोटे दल शामिल हैं। एक नेता ने बताया कि विधायक दल की बैठक में 104 उपस्थित भी रहे। वहीं सूत्रों का कहना है कि 17 से 18 कांग्रेसी विधायक सचिन पायलट के साथ हैं, जो गहलोत सरकार गिराने के लिए नाकाफी है।

राजस्थान में अपनी सरकार को बचाए रखने के लिए सीएम अशोक गहलोत को 101 विधायकों के समर्थन की जरुरत होगी। राज्य में 200 विधानसभा सीटें हैं, मगर पायलट खेमे का कहना है कि करीब तीस विधायक उनके साथ हैं।

बता दें कि सीएलपी बैठक से पहले कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने पायलट के लिए एक सार्वजनिक अपील जारी करते हुए बताया कि परिवार के मुद्दे को एक साथ बैठकर हल किया जा सकता है। पार्टी के दरवाजे हमेशा पायलट के लिए खुले हैं। उन्होंने यह बताया कि कांग्रेस नेतृत्व ने पिछले 48 घंटों में पायलट से कई बार बात की है, जो संयम और लचीलापन दोनों का संकेत देते हैं।

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