ताज़ा खबर
 

राजस्थान: 13 में से 10 निर्दलीय विधायक करेंगे सचिन पायलट का खेल खराब, फिर करा सकते हैं अशोक गहलोत की नैया पार

सचिन पायलट और अन्य 18 विधायकों के बिना 200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस का संख्याबल 107 से घटकर 88 या आरएलडी के समर्थन से 89 पर आ जाएगा। ऐसे में बहुमत के 101 के आंकड़े के छूने के लिए गहलोत सरकार के लिए निर्दलीय विधायकों का समर्थन खासा महत्वपूर्ण है।

rajasthan congressजयपुर में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। (PTI)

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत 19 पार्टी विधायकों को अयोग्य ठहराने जाने पर जोर देने के बीच प्रदेश में 13 निर्दलीय विधायकों की भूमिका अहम हो गई है। सचिन पायलट और अन्य 18 विधायकों के बिना 200 सदस्यों वाली राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस का संख्याबल 107 से घटकर 88 या आरएलडी के समर्थन से 89 पर आ जाएगा। ऐसे में बहुमत के 101 के आंकड़े के छूने के लिए गहलोत सरकार के लिए निर्दलीय विधायकों का समर्थन खासा महत्वपूर्ण है।

इनमें से 10 पहले कांग्रेस में रहे हैं, जिन्हें सीएम गहलोत के खेमे में माना जाता है। पायलट और गहलोत खेमों के बीच सत्ता संघर्ष को देखते हुए पार्टी के टिकट से वंचित किए जाने के बाद इन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 2018 का विधानसभा चुनाव लड़ा। वर्तमान सियासी संकट में इन विधायकों ने सीएम के समर्थन में बयान जारी किए हैं।

निर्दलीय विधायक बाबूलाल नागर ने कहा कि मैं तीन बार कांग्रेस का विधायक रहा हूं और पहले राज्य मंत्री था। मेरे निर्वाचन क्षेत्र दूदू (जयपुर जिले में) में मैं कांग्रेस पार्टी हूं। मुझे 2018 में केवल इसलिए टिकट नहीं दिया गया क्योंकि मैं अशोक गहलोत का समर्थक हूं। नागर ने कहा, ‘मैं कांग्रेस छोड़ने के बारे में कभी नहीं सोच सकता। राजस्थान में सरकार सुरक्षित है। हम बीजेपी को अस्थिर नहीं करने देंगे।’ विधानसभा चुनाव में नागर ने भाजपा और कांग्रेस दोनों के आधिकारिक उम्मीदवारों को हराया और 14,500 से अधिक मतों से जीत हासिल की।

अलवर के थानागाजी बाजार से विधायक कीर्ति प्रसाद ने भी कहा कि उन्होंने गहलोत सरकार को अपना समर्थन देने का वादा किया है। प्रसाद ने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा मुझे टिकट देने से इनकार किए जाने पर मैंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीता। हम सभी दस निर्दलीय सरकार के साथ हैं। हम सभी जयपुर के होटल फेयरमोंट में ठहरे हैं।

सीएम गहलोत का समर्थन करने वाले अन्य निर्दलीय विधायकों में महादेव सिंह भी हैं। सिंह सीकर जिले में खंडेला से विधायक हैं और कुल छह बार चुनाव जीत चुके हैं। वह यूपीए-2 में केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं। हालांकि दिग्गज कांग्रेसी नेता को साल 2018 में टिकट देने से इनकार कर दिया गया।

इसी तरह वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और गुजरात के पूर्व राज्यपाल कमला बेनीवाल के बेटे आलोक बेनीवाल ने भी शाहपुरा विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ा। माना जाता है कि वो भी गहलोत सरकार के समर्थन में हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 राहत में बड़ा घपला: नौ परिवारों का एक पिता, मृत और पक्के घरों के रसूखदार मालिक के भी नाम
2 बिहारः दवा लेने के दौरान दुकान पर ही व्यक्ति की हुई मौत, कोरोना संक्रमित समझ 5 घंटे तक लावारिस पड़ा रहा शव
3 बिहारः सुपौल के कोविड केयर सेंटर में भरा है पानी, डॉक्टर और नर्स ठेले पर आने को मजबूर
ये पढ़ा क्या?
X