ताज़ा खबर
 

Rajasthan Elections: बीकानेर में कांग्रेस और भाजपा ने तीन दशक बाद उतारा था महिला प्रत्याशी, पढ़ें पूरा इतिहास

विधानसभा चुनाव के इतिहास में कांग्रेस ने बीकानेर जिले में महिला उम्मीदवार को 10 साल बाद ही टिकट दे दिया था लेकिन भाजपा ने महिला उम्मीदवार की तलाश में 28 साल लगा दिए।

Author बीकानेर | November 27, 2018 10:55 AM
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव के इतिहास में कांग्रेस ने बीकानेर जिले में महिला उम्मीदवार को 10 साल बाद ही टिकट दे दिया था लेकिन भाजपा ने महिला उम्मीदवार की तलाश में 28 साल लगा दिए। कांग्रेस ने भी एक बार टिकट देने के बाद 23 साल तक महिला को उम्मीदवार बनाने का नाम नहीं लिया।

बीकानेर जिले में सबसे पहले कांग्रेस ने 1967 में कोलायत से पहली बार महिला उम्मीदवार के रूप में कांता खतूरिया को टिकट दिया था। वे दो बार लगातार (1967 व 1972) यहां से चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचीं। खतूरिया को कांग्रेस ने 1980 और 1985 में भी टिकट दिया था लेकिन वे जनता पार्टी (जेपी) के उम्मीदवार देवीसिंह भाटी से हार गईं। इसके बाद कांग्रेस ने 23 साल के अंतराल से खाजूवाला से सुषमा बारुपाल को मौका दिया लेकिन वे चुनाव नहीं जीत सकीं।

भाजपा ने 1980 में पार्टी गठन के बाद 28 साल तक जिले में किसी महिला उम्मीदवार को नहीं उतारा। वर्ष 2008 में बीकानेर जिले में नई गठित बीकानेर पूर्व विधानसभा से पार्टी ने पहली बार महिला उम्मीदवार के रूप में पूर्व सांसद स्व. महाराजा डॉ. करणीसिंह की पौत्री सिद्धि कुमारी को मैदान में उतार और लगातार दो चुनाव जीतकर इस सीट पर अपना ठप्पा लगा दिया।

इसके बाद भाजपा ने इस बार कोलायत से पहली बार महिला उम्मीदवार के रूप में पूनम कंवर भाटी को मौका दिया है। इस तरह भाजपा और कांग्रेस ने अब तक जिले में दो महिलाओं को ही विधानसभा चुनाव में मौका दिया है। राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 7 दिसंबर को मतदान की प्रक्रिया आरम्भ होगी, मतों की गणना 11 दिसंबर को होगी।  (स्टोरी- सौजन्य: अभिषेक शर्मा- Pebble)

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App